सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद में पत्रकारिता के क्षेत्र में कई चेहरे हैं, जिनमें से कुछ ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। लेकिन शायद ऐसा पहली बार हुआ है जब एक युवा महिला पत्रकार के पक्ष में जनसैलाब उमड़ आया हो।
अमूमन पत्रकारों खिलाफ मुकदमे दायर होते है कई मर्तबा मानहानि के केस भी भुगतने पड़ते है, मगर आम जनता पत्रकार के पक्ष में कम ही उतरती है। कलम की सिपाही जनसमर्थन मिलने के बाद सुरक्षित महसूस कर रही होंगी।
सोमवार को गुरु की नगरी पांवटा साहिब में युवा महिला पत्रकार प्रीति चौहान के समर्थन में जन सैलाब उमड़ा। प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
इसके बाद प्रशासन को यह कहना पड़ा कि महिला पत्रकार को सुरक्षा दी जाएगी। शहर में रोष रैली भी निकाली गई। जानकारी यह भी है कि राज्य महिला आयोग ने भी प्रीति चौहान के मामले में पुलिस से मौखिक फीडबैक लिया है।
हाल ही में महिला पत्रकार ने राज्य की राजधानी शिमला में मीडिया से बात करते हुए पांवटा साहिब के दो पत्रकारों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे।
इसके बाद कथित प्रताड़ना को लेकर प्रीति चौहान के शुभचिंतकों में रोष पनप गया। प्रीति चौहान के आरोपों के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इसके बाद ही सोमवार को रैली निकालने का फैसला हुआ।
सोशल मीडिया में प्रीति चौहान के मामले ने खासा तूल पकड़ा हुआ है। सोशल मीडिया यूज़र्स, महिला पत्रकार के समर्थन में उतरे हुए है। प्रीति चौहान के समर्थन में कई लोग सामने आ रहे हैं और उनके साथ एकजुटता दिखा रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या होता है। ज्ञापन में कहा गया है कि आरोपियों द्वारा महिला पत्रकार की प्रताड़ना की जा रही थी,क्योंकि आरोपियों की एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के दौरान महिला पत्रकार द्वारा लाइव रिपोर्टिंग की गई थी।
करीब एक साल पहले दो पत्रकारों के खिलाफ छेड़छाड़ व धमकाने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने एक सेक्शन को हटाकर मामला की चार्जशीट को अदालत में दाखिल कर दिया है।
चंद रोज पहले एक वेब पोर्टल पर प्रीति की शिकायत झूठी होने का समाचार प्रकाशित कर दिया गया साथ जांच से जुड़ा एक दस्तावेज भी सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
उधर,आरोपित पत्रकारों ने प्रीति के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियादी बताया था। उन्होंने कहा था कि महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं है। पुलिस जांच में कथित छेड़छाड़ के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी के बोल
पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने कहा कि उन्होंने महिला पत्रकार से बात की है। एसपी ने कहा कि अगर सुरक्षा मांगी जाती है तो तुरंत मुहैया करवाई जाएगी। एसपी ने बताया कि महिला पत्रकार के घर आसपास भी गश्त बढ़ाई जाएगी।