
पालमपुर में आए तेज तूफान से गिरे पेड़ की चपेट में आने से हुई थी महिला की मौत
पालमपुर- बर्फू
पालमपुर प्रशासन द्वारा सोमवार के दिन आए भयंकर एवं विनाशकारी तूफान के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है ।
बता दें कि अत्यंत विनाशकारी तूफान के दौरान जहां एक महिला की पेड़ की चपेट में आने से मौत हुई है वहीं लगभग पालमपुर इलाके में 20 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि करीब छह वाहनों के ऊपर भी पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ है।
इस तूफान ने झारखंड की एक युवा महिला को भी अपना शिकार बनाया है। महिला के पति को फौरी तौर पर प्रशासन ने सहायता उपलब्ध कराई है। बता दें कि तूफान के दौरान लगभग 15 मजदूर एक स्थान पर बैठे हुए थे लेकिन यह अभागी महिला तूफान का शिकार बन गई।
महिला की शादी अभी कुछ दिन पहले ही हुई थी। पालमपुर प्रशासन ने इस महिला का पोस्टमार्टम करवाकर इसके शव को झारखंड भेजने का बंदोबस्त भी कर दिया है। पालमपुर प्रशासन ने अभी तक इस तूफान में हुए नुकसान का आकलन करने हेतु एक टीम फील्ड में भेजी है।
पालमपुर के एसडीएम डाक्टर ने बताया कि सोमवार को आए भयंकर तूफान के कारण सभी बंद रास्तों को मंगलवार के दिन चालू कर दिया गया है। भारी तूफान के चलते चौपाटी के निकट पेड़ गिरने के कारण एक व्यक्ति की कार डैमेज हुई है, इसके साथ ही इलाके में लगभग 20 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसके अतिरिक्त विक्रम बत्रा महाविद्यालय के निकट पेड़ गिरने से बाइक भी चपेट में आई है। तूफान के कारण घरों को हुए नुकसान का मुआवजा लोगों को प्रशासन द्वारा दिया जाएगा, जबकि सरकारी भूमि पर बने अवैध मकानों को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जाएगी।
लेकिन राजस्व विभाग की नियमावली 2012 के अनुसार इनके घरों में रखे सामान इत्यादि के नुकसान के लिए 15000 की राशि प्रशासन ने तय की है। एसडीएम अमित गुलेरिया ने बताया कि पार्किंग में खड़ी चार गाडिय़ां जहां क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त दो मजदूरों की रसोई क्षतिग्रस्त हुई है, उसके लिए भी नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रशासन ने एक टीम भेजी है।
सोमवार के दिन पालमपुर के तहसीलदार डीएफओ व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फील्ड में भेजा गया था तथा मंगलवार को भी प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन कर रही है।
