मणिमहेश यात्रा: राधाष्‍टमी न्‍हौण में हजारों शिव भक्‍तों ने लगाई डल झील में डुबकी, कल सुबह तक शुभ मुहूर्त

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चम्बा – भूषण गुरुंग

उत्तर भारत की प्रसिद्ध एवं पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान शनिवार दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर राधाष्टमी न्हौण शुरू हो गया है। राधाष्टमी न्हौण के दौरान पवित्र मणिमहेश झील में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

राधाष्टमी का न्हौण रविवार सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक जारी रहेगा। इस अवधि में मणिमहेश स्नान पूर्ण फलदायी होगा। राधाष्टमी न्हौण के पहले दिन दोपहर दो बजे तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान है।

शुक्रवार को सप्तमी न्हौण व शनिवार को राधाष्टमी न्हौण को लेकर करीब 65 हजार श्रद्धालुओं ने मणिमहेश झील में स्नान किया है। ऐसे में शनिवार व रविवार को राधाष्टमी न्हौण में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आम दिनों की तुलना में अधिक होने की संभावना है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को सचुईं के शिव चेलों ने डल तोड़ने की रस्म अदा की थी। इसके बाद करीब 40 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। इसके साथ ही सप्तमी का स्नान संपन्न हो गया था। इसके समाप्त होने के बाद शनिवार दोपह साढ़े 12 बजे से राधाष्टमी न्हौण की शुरुआत हुई है।

इसे ठंडे न्हौण के नाम से भी जाना जाता है। चूंकि, यात्रा अब पूरी तरह से अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं की आमद में भी काफी बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है।

भगवान शिव के वरदान के अनुसार मान्यता है कि माणिमहेश यात्रा की सफलता के लिए यात्रा से पूर्व शिव चेलों से अनुमति लेना आवश्यक है। अन्यथा किसी अनहोनी की संभावना बनी रहती है। सचुईं के शिव चेले अपने गांव स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद चौरासी मंदिर की परिक्रमा व पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं को परंपरा अनुसार यात्रा की अनुमति देते हैं। यह परंपरा काफी समय से चली आ रही है, जिसका विधिवत पालन किया जाता है।

एसडीएम भरमौर असीम सूद का कहना है मणिमहेश यात्रा अब पूरी तरह से अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गई है। राधाष्टमी का न्हौण शुरू हो गया है, जो कि रविवार तक जारी रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तमाम प्रबंध किए गए हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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