मंडी – अजय सूर्या
सुंदरनगर के नया बाजार लूटपाट में शामिल बदमाशों को पकड़ने में जहां मंडी पुलिस सिर्फ हवा में तीर चलाती रही, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हीं बदमाशों को एक मुठभेड़ में घायल कर काबू कर लिया। हैरानी की बात यह रही कि मंडी पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाने की मंशा से तीन दिनों तक इस पूरे मामले में चुप्पी साधे रखी।
जब मीडिया में मुठभेड़ की खबरें प्रकाशित हुई, तभी जाकर पुलिस हरकत में आई और बुधवार सुबह आनन फानन में औपचारिक प्रेस नोट जारी किया गया। दिनदहाड़े हुई लूट की घटना ने जहां आम जनता को दहशत में डाला, वहीं पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
घटना के बाद मंडी पुलिस ने दावा किया था कि बदमाशों की पहचान कर ली गई है और उनकी धरपकड़ के प्रयास जारी हैं। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिला। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जिस मुस्तैदी से इन बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान काबू किया, उसने मंडी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।
यह मुठभेड़ न सिर्फ बदमाशों की सक्रियता की पुष्टि करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मंडी पुलिस उनके नेटवर्क और मूवमेंट को पकड़ने में पूरी तरह विफल रही। मीडिया में मुठभेड़ की खबरें आने के बाद मंडी पुलिस को मजबूरी में प्रेस नोट जारी करना पड़ा, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि लूटपाट में शामिल आरोपित यूपी पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए हैं।
यह भी बताया गया कि मंडी पुलिस उनसे संपर्क में थी और उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचित किया गया था। हालांकि इस दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पहले तीन दिन तक पुलिस ने इस दिशा में कोई सार्वजनिक जानकारी साझा नहीं की थी।

