बिना लाइसेंस से चल रहे हैं कई रेस्टोरेंट, बुद्धिजीवियों ने उठाई निरीक्षण की मांग.
ज्वाली – अनिल छांगु
ज्वाली उपमंडल में शराब माफिया खूब फलफूल रहा है तथा शराब की ब्लैकी धड़ल्ले से की जा रही है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी ही शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी और कई घरों के चिराग बुझ गए थे, तो वहीं शराब माफिया द्वारा अवैध तरीके से शराब बेचकर सरकार के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है।
उपमंडल ज्वाली के बार-रेस्टोरेंट मालिकों द्वारा भी चोरी-छिपे अवैध तरीके से शराब की सप्लाई की जा रही है जबकि बार-रेस्टोरेंट मालिक शराब की बोतल नहीं बेच सकता।
बार-रेस्टोरेंट मालिकों द्वारा अवैध तरीके से बाहर से शराब लाई जाती है तथा ग्राहकों को बेची जाती है जबकि बार-रेस्टोरेंट मालिक अपने बार-रेस्टोरेंट के नजदीकी शराब के ठेके से शराब खरीदकर ग्राहकों को पैग सिस्टम से ही दे सकता है।
बार-रेस्टोरेंट के अंदर टेबल पर भी शराब की बोतल ग्राहकों को नहीं रख सकते। ज्वाली उपमंडल मे ज्यादातर बार-रेस्टोरेंट संचालकों के पास शराब की बोतल बेचने का लाइसेंस भी नहीं होता है, उनको मात्र पैग सिस्टम से शराब परोसने की हिदायत होती है।
बार-रेस्टोरेंट मालिक नियमों को दरकिनार करके ग्राहकों को शराब बेचते हैं जिससे राजस्व को चूना लग रहा है। बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि बार-रेस्टोरेंट में शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस बारे में एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने कहा कि शराब माफिया के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि बार-रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया जाएगा।

