
ज्वाली – अनिल छांगु
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला प्लौहड़ा में सोमवार को स्कूल के अध्यापकों छात्रों व एसएमसी कमेटी द्वारा स्कूल के प्रधानाचार्य के ऊपर स्कूल की ही आठवीं की छात्रा द्वारा छेड़छाड़ के मामले को लेकर प्रधानाचार्य के ऊपर मामला दर्ज होने पर कक्षाओं का बहिष्कार किया गया ।
एसएमसी कमेटी के सभी सदस्यों ने एवं स्कूल के अध्यापकों व छात्रों ने बताया कि प्रधानाचार्य स्कूल के प्रति काम की निष्ठा जिम्मेवारी को पूरी तरह संभालते रहे हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि आठवीं कक्षा की छात्रा द्वारा आरोप लगाए गए थे कि स्कूल के चपरासी द्वारा उनको बुलाकर लाइब्रेरी में बुलाया गया लेकिन चपरासी का कहना है कि प्रधानाचार्य ने उन्हें किसी भी काम के लिए लड़की को लाइब्रेरी में वुलाने के लिए नहीं भेजा ।
वही लाइब्रेरियन अध्यापिका का कहना है कि प्रधानाचार्य ने जब से स्कूल में जॉइनिंग की है। तब से वे एक बार ही लाइब्रेरी में राउंड पर आए थे । उसके उपरांत वह कभी लाइब्रेरी में नहीं आए और वह हमेशा ही लाइब्रेरी में होती हैं और जब भी वह लाइब्रेरी से बाहर जाती हैं तो लाइब्रेरी को वन्द करके जाती है।
बही उक्त लड़की की क्लास इंचार्ज का कहना है कि आठवीं कक्षा की छात्रा उनकी कक्षा की छात्र है तथा कभी भी कक्षा में रेगुलर नहीं आई है। हमेशा ही अनुपस्थित रही हैं। उनका कहना है कि वे कभी मां बनकर कभी बात मान कर उनको मैसेज कर छुट्टी के लिए प्रार्थना करती रही है।
बही लड़की की इंग्लिश की अध्यापिका का कहना है कि यह लड़की कभी भी रोजाना स्कूल नहीं आती थी और ना ही स्कूल का काम करती थी । स्कूल में परीक्षा देने पर भी वह परीक्षा देने नहीं आ रही थी तो उसके माता-पिता को इसके बारे में जानकारी देने के उपरांत उनको पता चला कि उनकी लड़की स्कूल में नहीं आती है। लेकिन लड़की के माता-पिता द्वारा स्कूल के प्रधानाचार्य पर कथित आरोप लगाकर उनको झूठे मामले में फसाया गया।
इसका वह विरोध करती हैं तथा सरकार के आगे गुहार लगाती हैं कि छात्रों के भविष्य के लिए व अध्यापकों की सेफ्टी के लिए कोई नियम बनाया जाए ताकि बिना बजह झूठे मामले फसाने पर सुरक्षित रह सकें।
