
व्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश के थानों में हर माह महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत औसतन 142 मामले दर्ज हुए हैं। इस वर्ष अक्तूबर माह तक महिलाओं के प्रति क्रूरता, छेड़छाड़, ईव टीजिंग आदि के दर्ज मामलों की संख्या 1427 रही है। प्रदेश में दस माह में मोलस्टेशन के 396 मामले सामने आ चुके हैं और यह आंकड़ा निश्चित तौर पर चिंता का सबब बनता जा रहा है।
महिलाओं से छेड़छाड़ के सबसे ज्यादा 74 मामले जिला कांगड़ा में दर्ज हुए हैं, तो जिला मंडी में यह आंकड़ा 63 और जिला शिमला में 42 रहा है। जिला चंबा और सिरमौर में मोलस्टेशन के 37-37 तो जिला बिलासपुर में 32 मामले दर्ज किए हैं। इस अवधि में महिलाओं के प्रति क्रूरता के मामलों की संख्या 200 के करीब पहुंच गई है। दस माह में प्रदेश में क्रूएलेटी टू वूमन की धारा के तहत 189 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
जिला मंडी में 30 तो जिला कांगड़ा और सिरमौर में 27-27 मामले सामने आए हैं। जिला शिमला और जिला उना में 16-16 तो जिला बीबीएन में 15 मामले दर्ज किए हैं। दस महीने में प्रदेश में कत्ल के कुल 73 मामले सामने आए हैं , जिनमें महिलाओं की संख्या 21 है।
डाउरी डैथ के भी दो मामले सामने आए हैं, जिनमें एक मामला जिला मंडी और एक जिला चंबा का है। ईव टीजिंग की धाराओं के तहत प्रदेश में 76 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। बीते तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में इन मामलों की संख्या चिंताजनक तौर पर सालाना 1600 से अधिक रही है और बीते साल तो यह आंकड़ा 1654 पर पहुंच गया था।
दुष्कर्म के 302 मामले
प्रदेश में चिंताजनक तौर पर औसतन रोजाना दुष्कर्म का एक मामला सामने आ रहा है। दस माह में प्रदेश में दुष्कर्म के 302 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
दुष्कर्म के सबसे ज्यादा 51-51 मामले
शिमला और मंडी जिला में दर्ज हुए हैं। जिला कांगड़ा में दस महीने में रेप के 47 तो जिला सिरमौर में 38 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस दौरान जिला लाहुल-स्पीति में रेप का एक तो जिला किन्नौर में पांच मामले दर्ज हुए हैं।
