
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न भागों में लगातार बारिश हो रही है। कांगड़ा जिले में कुछ स्थानों पर मुसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 227 मिमी बारिश हुई है। वर्तमान मानसून सीजन में बारिश का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन को शुरू हुए अभी आधा महीना भी पूरा नहीं हुआ हैं, लेकिन नुकसान का आंकड़ा 100 करोड़ पार कर चुका है। मात्र 13 दिनों में हिमाचल प्रदेश के मानसून से 116 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। पीडब्ल्यूडी को अकेले 110 करोड़ से ज्यादा के नुकसान का आंकलन है।
वहीं प्रदेश में बारिश से 17 सडक़ों पर आवाजाही बंद है। साथ ही सात ट्रांसफार्मर और 17 वाटर सप्लाई की स्कीमें भी ठप पड़ी हैं। हिमाचल प्रदेश में 15 जुलाई के बाद कुछ दिनों तक बारिश का दौर थम जाएगा।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में मानसून के कारण हुई दुर्घटनाओं में अभी तक 67 लोगों की मौत हो चुकी है।
इनमें सबसे ज्यादा मौतें कुल्लू में 16, मंडी में दस, बिलासपुर में तीन, मंडी में 7, हमीरपुर में 6, कांगड़ा में 2, किन्नौर और लाहुल स्पीति में 1-1, शिमला में 8, सिरमौर में 5, सोलन और ऊना जिला में 4-4 लोगों की मौत हुई है।nवहीं, प्रदेश में मानसून के कारण हुई दुर्घटनाओं में घायलों का आंकड़ा 69 पहुंच गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश गगल में 108 एमएम, पांवटा साहिब में 107, धर्मशाला में 106, नुरपूर में 80, कसौली में 55, सुन्नी में 49, रामपुर में 43, ऊना में 35, पालमपुर में 33, जोगिंद्रनगर में 32, सराहन में 29, नयनादेवी और बैजनाथ में 28-28 और कोटखाई में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
बरसात से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिन प्रदेश में भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश के मैदानी व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में आगामी 15 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से आवश्यक सेवाओं पानी, बिजली, संचार इत्यादि में व्यवधान आएगा। साथ ही भूस्खलन होने की भी आशंका है।
