
शिमला- जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में 280 पंचायत घरों का निर्माण जमीन के लिए सहमति नहीं बनने से लटक गया है। हालांकि जमीन फाइनल करने वाली 132 पंचायतों को प्रदेश सरकार ने 14 करोड़ जारी कर दिए हैं। प्रत्येक पंचायत को 11-11 लाख रुपये अग्रिम किश्त के तौर पर दिए गए हैं। सरकार ने 412 नई पंचायतों में एक साल में भवन बनाने का निर्देश दिया है।
धरातल मंजिल के लिए 33 लाख रुपये हर पंचायत को दिए जाने हैं। तीन मंजिला भवन पर 80 से 83 लाख रुपये के व्यय का अनुमान है। धरातल मंजिल को बनाने में ही समय लगेगा। नींव तैयार होने के बाद अन्य मंजिलों में ज्यादा समय नहीं लगेगा। पंचायत भवन करीब छह बिस्वा जमीन पर बनेगा। पंचायत की अपनी जमीन होना जरूरी है।
गेस्ट हाउस से होगी कमाई
पंचायत घर की धरातल मंजिल पर प्रधान, सचिव व अन्य पदाधिकारियों के बैठने के लिए कमरों का प्रविधान होगा। पहली मंजिल पर ग्रामसभा हाल और रसोई आदि की व्यवस्था रहेगी। ऊपरी मंजिल पर गेस्ट हाउस होगा। यह पंचायतों की आय को बढ़ाने में भी मददगार होगा, जिसे किराये दिया जा सकेगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि नई पंचायतों को भवन बनाने के लिए 18 करोड़ की राशि दी है। जिन पंचायतों ने अभी तक भवन निर्माण को भूमि का चयन नहीं किया है उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
अतिरिक्त निदेशक, पंचायती राज विभाग केवल शर्मा ने बताया कि भवनों का निरीक्षण और निर्माण विभाग के तकनीकी विंग के अधिशासी अभियंता की देखरेख में होगा। भवन के बनने से पंचायतों की आय भी बढ़ेगी।
