
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
मुख्यमंत्री के धर्मशाला दौरे के दूसरे दिन हिमाचल प्रदेश जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष संघ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में पंचायती राज संस्थाओं के लिए राज्य वित्तायोग से अलग से बजट का प्रावधान करने के अलावा पंचायती राज संस्थाओं के जन-प्रतिनिधियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांगें मुख्य रूप से उठाई गई हैं।
संघ ने साथ ही बजट का कुछ भाग जिला परिषद की स्थायी संपत्तियों के निर्माण के लिए अनिवार्य करने, जिला परिषद चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन व जिला परिषद सदस्य के लिए ऐच्छिक निधि का प्रावधान, विधायक प्राथमिकता की तर्ज पर जिला परिषद प्राथमिकता का प्रावधान करने तथा जिला परिषद वाईस चेयरपर्सन व सदस्यों के लिए सरकार द्वारा तय टैक्सी दरों के अनुसार यात्रा भत्ते का प्रावधान करने की भी मांग उठाई है।
वहीं मांग की कि जिला परिषद के अधीन कार्यरत पंचायत सचिवों तकनीकी सहायकों तथा रोजगार सेवकों के स्थानांतरण, पोस्टिंग का अधिकार जिला परिषद सदन को दिया जाए।
पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ कर रही सरकार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि यह लोकतंत्र की आधारभूत इकाई हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को कई शक्तियां प्रदान की हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष संघ के एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कही।
