हिमखबर डेस्क
पुलिस ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे और पैरोल के दौरान फरार हुए दोषी मनदीप सिंह को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी मौत की झूठी कहानी गढ़ी थी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे नई पहचान से चंडीगढ़ में वर्षों से रह रहा था।
एसपी हमीरपुर भगत सिंह के बोल
मामले की जानकारी देते हुए एसपी हमीरपुर भगत सिंह ने बताया कि मनदीप सिंह, पुत्र विशंभर दास, गांव घुमारवीं, जिला हमीरपुर का निवासी है। उसे हमीरपुर की अदालत ने हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
वह 2013 में पहली बार पैरोल पर रिहा हुआ था। इसके बाद उसने भोरंज में एक चोरी की वारदात को अंजाम दिया। वर्ष 2017 में वह दूसरी बार पैरोल पर आया, लेकिन इस दौरान उसने अपनी मौत की झूठी कहानी रच डाली।
उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को मृत घोषित कर दिया और “संजीव” नाम से चंडीगढ़ में रहना शुरू कर दिया।हमीरपुर पुलिस के पीओ सेल ने आरोपी का सुराग लगाते हुए चंडीगढ़ में उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस को सूचना मिली थी कि मनदीप नाम बदलकर चंडीगढ़ में रह रहा है। भोरंज पुलिस की टीम ने चंडीगढ़ पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और हमीरपुर लाया।
एसपी भगत सिंह ने बताया कि पुलिस के रिकॉर्ड में मृत घोषित होने की कोशिश में आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड तक बनवा लिया था। यह हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह का पहला मामला है।
एसपी ने आगे बताया कि मनदीप को हमीरपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब उसकी हर गतिविधि की जांच कर रही है।
साथ ही यह पता लगा रही है कि वह चंडीगढ़ में किस तरह जीवन बिता रहा था और उसकी अन्य गतिविधियां क्या थीं। मनदीप सिंह को 2017 से उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस की कार्रवाई में एक बड़ी सफलता मिली है।

