
पेपर लीक मामले में महीने बाद भी नहीं लिया केस, न ही सरकार ने भेजा रिमांडर
व्यूरो रिपोर्ट
पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले को लेकर सीबीआई ने अभी तक केस नहीं लिया है। पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने गृह विभाग द्वारा 18 मई को सीबीआई को पत्र भेजा था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सीबीआई ने पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच के लिए कोई जबाव अभी तक नहीं भेजा है।
वहीं, प्रदेश सरकार भी सीबीआई से पेपर लीक मामले की जांच करवाने सुस्त दिखाई दे रही है। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक सीबीआई को कोई रिमाइंडर नहीं भेज गया है। ऐसे में पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच मात्र एसआईटी तक ही सिमट कर रह गई है।
पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला होने के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाने की बात कही थी, लेकिन सरकार द्वारा पत्र भेजने के एक माह बाद भी सीबीआई ने केस दर्ज नहीं किया है। न ही इस बारे में गृह विभाग को कोई रिप्लाई दिया है।
पुलिस की एसआईटी द्वारा पेपर लीक मामले में अब तक करीब 125 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें 85 अभ्यर्थी और विभिन्न राज्यों के एजेंट शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस भर्ती पेपर लीक के अलावा पुलिस भर्ती सॉफ्टवेयर से भी छेड़छाड़ की गई है, जिसमें ऑनलाइन किए गए कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन भी ठीक किए गए हैं। बताया जा रहा है उत्तरी और सेंट्रल रेंज के कई जिलों के ऑनलाइन आवेदन ठीक किए हैं।
पुलिस अधिकारी भी जांच के दायरे में
भर्ती के नियमानुसार एक बार किया गया आवेदन ही अंतिम माना जाता है और उसे दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता है। ऐसे में अगर जांच होती है, तो कई पुलिस अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में अगर सीबीआई की जांच होती है, तो उसमें ओर भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
उधर, गृह विभाग के सचिव भरत खेड़ा का कहना है कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच के लिए सीबीआई पत्र भेज गया था, लेकिन अभी तक सीबीआई की ओर कोई जबाव नहीं आया है। ऐसे में पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच मात्र एसआईटी तक ही सिमट कर रह गई है।
