चम्बा – भूषण गुरुंग
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने चंबा के मोतला गांव से मलबा न हटाने पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने इस मामले में विभाग के प्रमुख अभियंता और अधिशाषी अभियंता से एक हफ्ते के भीतर निजी शपथपत्र तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 26 जून को निर्धारित की गई है।
अदालत ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि सडक़ बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद यह आदेश पारित किए।
रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को बताया गया था कि नौ जून, 2023 को मोतला गांव का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम और खंड विकास अधिकारी भटियात तहसीलदार सिहुंता और वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
संयुक्त निरीक्षण में पाया गया कि स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मोतला गांव के आसपास भारी मात्रा में मलबा पाया गया। इस मलबे से घरों और गोशालाओं को भारी नुकसान पाया है।
मौके पर मौजूद गांव वालों के बयान भी दर्ज करवाए। कई घरों में अभी तक भी मलबा भरा हुआ है, जिन्हें अब छोड़ दिया है।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान वन विभाग ने स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को बताया था कि जुलाई 2021 और अगस्त 2022 के महीने में भारी बारिश के कारण मोतला में मलबा जमा हो गया था।
जिसे विभाग ने हटा दिया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे।

