
पालमपुर- बर्फू
पालमपुर के कुछ क्षेत्रों में बीते सोमवार से बिजली गुल है। संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव सोनी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं है। वहां के दुकानदार बहुत ही परेशान हैं। उनका हजारों रुपये का नुकसान हो गया है। क्योंकि बिजली न होने से फ्रिज नहीं चल रहे हैं। जिसमें उसमें रखे गए आइसक्रीम फ्रोजनफ़ूड चिकन आदि व अन्य खराब होने वाला सामान बिल्कुल नष्ट हो चुका है।
दुकानदारों का कहना है कि बिजली विभाग को कितने ही फोन कर लो कोई फोन नहीं उठाता, सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने फोन उठाकर साइड में रख दिए हैं और मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए हैं अब हम किसी से बिजली की स्थिति के बारे में पूछे तो कैसे पूछें?
सोनी ने कहा उच्च अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पालमपुर के अधिकारियों से पता चला है कि बिजली एक घंटे में आ जाएगी परंतु वह एक घंटा पिछले एक दिन से नहीं आ रहा है ।
संजीव सोनी ने कहा कि जब कांगड़ा में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से बात की गई तो पता चला कि बिजली कुछ ही मिनटों में आ जाएगी परंतु घंटो बीत जाने के बाद भी बिजली नहीं आई है।
उधर कुछ विद्यार्थी अपने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे हैं जो कि तीन घंटे भी अपना व्यर्थ नहीं करना चाहते परन्तु बिजली विभाग के निकम्मेपन वह तानाशाही पूर्ण रवैये के कारण उनके तीन चार दिन खराब हो गए हैं। जनता को यह पता ही नहीं चल रहा है कि बिजली आएगी भी तो कब क्योंकि कोई फोन ही नहीं उठा रहा।
तानाशाह रवैया अपनाए यहां के बिजली विभाग के अधिकारी, और यहां के चुने हुए जन प्रतिनिधियों की तो बात ही क्या कहिए? क्या उन्हें संकट के इस समय में अपने वोटर्स के साथ नहीं खड़ा होना चाहिए था ?वह चुपचाप मूकदर्शक बने सारा तमाशा देख रहे हैं।
संजीव सोनी ने बताया कि कुछ युवा लोग वर्क फ्राम होम कर रहे हैं परंतु बिजली ना होने के कारण उनके जाब्स पर खतरा मंडराने लगा है । क्या हम जनप्रतिनिधि इसीलिए चुनते हैं कि वह संकट या विपत्ति के समय में जनता का साथ ना दें।
और वह जनता का साथ देंगे भी क्यों, क्योंकि उनके घरों में बिजली जगमग आ रही है। संजीव सोनी ने कहा कि हम जनप्रतिनिधियों की कुर्बानी तब मानते यदि वह कहते कि पहले मेरी जनता की बिजली रिस्टोर कीजिए बहाल कीजिए तब मेरे घर में बिजली बहाल करें।
संजीव सोनी ने हैरानी जताई कि बिजली बोर्ड के उच्च अधिकारी तो तुरंत फोन उठा लेते हैं यहां तक की जब उन्होंने बोर्ड के चेयरमैन धीमान को फोन लगाया तो उन्होंने तुरंत फोन उठाया और कहा कि आप चिंता ना करें मैं अभी वहां के सभी उच्च अधिकारियों को आदेश देता हूं कि शीघ्र अति शीघ्र बिजली बहाल की जाए।
चाहे किसी दूसरे फीडर से लेकर या बाईपास सिस्टम बना कर या अधिक लेबर लगाकर। बोर्ड के सुपरींटेंडेंट इंजीनियर और चेयरमैन तक ने फोन उठा लिया परंतु यहां के डिवीजन और सब डिवीजन के अधिकारी जो इस सारे सिस्टम के लिए जिम्मेवार हैं फोन तक नहीं उठाते।
