नूरपुर रोड रेलवे स्टेशन से जोगिंद्रनगर के लिए मात्र दौड़ रही दो रेलगाडिय़ां, यात्रियों की भीड़ के आगे नाकाफी
हिम खबर डेस्क
अंग्रेजों द्वारा निर्मित पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग की अनदेखी के चलते विधानसभा क्षेत्र नूरपुर, फतेहपुर, इंदौरा, ज्वाली, देहरा, शाहपुर, ज्वालाजी, कांगड़ा, पालमपुर, बैजनाथ, जोगिंद्रनगर की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा जनता में केंद्र की भाजपा व प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ रोष पनप उठा है।
कभी इस रेलमार्ग से 14 रेलगाडिय़ां आवागमन करती थीं लेकिन चक्की पुल के ध्वस्त होने के बाद से नूरपुर रोड रेलवे स्टेशन से जोगिंदरनगर के लिए मात्र दो ही रेलगाडिय़ां चल रही हैं जोकि नाकाफी हैं।
रेलमार्ग पर अतिरिक्त रेलगाडिय़ां भी चलाई जा सकती हैं, लेकिन रेल विभाग मात्र दो ही रेलगाडिय़ां चलाकर ड्यूटी बजा रहा है। लोगों द्वारा कई बार इस डिमांड को उठाया गया, परंतु कोई हल नहीं निकल पाया।
जिला कांगड़ा की अधिकतर विधानसभाओं को रेलमार्ग की आपस में जोड़ता है तथा उनके आवागमन का साधन एकमात्र रेलगाड़ी ही है। रेलगाड़ी ही घूमने का एकमात्र सस्ता माध्यम है लेकिन पर्याप्त रेलगाडिय़ां न चलने से पर्यटक बसों में किराया अधिक होने के कारण घूमने नहीं आते हैं, जिस कारण पर्यटक कम आने से पर्यटन के रूप में आने वाला राजस्व भी कम हुआ है।
इस रेलमार्ग पर सात रेलगाडिय़ां पठानकोट से जोगिंद्रनगर की तरफ चलती हैं, जबकि सात रेलगाडिय़ां जोगिंद्रनगर से पठानकोट की तरफ चलती हैं, लेकिन चक्की पुल के टूटने उपरांत नूरपुर रोड रेलवे स्टेशन से बैजनाथ को दो रेलगाडिय़ां तथा बैजनाथ से नूरपुर रोड की तरफ भी दो रेलगाडिय़ां ही चल रही हैं, जो कि जनता की भीड़ के आगे नाकाफी हैं।
इन रेलगाडिय़ों का भी कोई उचित समय नहीं है जिस कारण कर्मचारियों व रोजमर्रा आवागमन करने वालों को काफी परेशानी होती है।
लोकसभा चुनावों में बदला लेगी जनता
उक्त विधानसभाओं की जनता इस रेलमार्ग की अनदेखी का बदला लोकसभा 2024 के चुनावों में लेने के मूड़ में आ गई है। बुद्धिजीवियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार, सांसद किशन कपूर, सांसद अनुराग ठाकुर से मांग उठाई है कि नूरपुर रोड से जोगिंद्रनगर के लिए तीन अतिरिक्त रेलगाडिय़ां चलाई जाएं, ताकि जनता व पर्यटकों को लाभ मिल सके।
किशन कपूर बोले, रेल मंत्रालय से की बात
कांगड़ा-चंबा के सांसद किशन कपूर ने कहा कि रेलगाडिय़ां चलवाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय से बात भी हो गई है।
इन देवस्थलों को जोड़ता है मार्ग
कंडवाल स्थित नागनी माता मंदिर, नूरपुर स्थित नागनी माता मंदिर, नूरपुर स्थित बृजराज मंदिर, त्रिलोकपुर स्थित शिव मंदिर, ज्वाली स्थित बाथू दी लड़ी, ज्वाली स्थित मिनी हरिद्वार, कोटला स्थित माता बगलामुखी मंदिर, मसरूर मंदिर, वनखंडी स्थित माता बगलामुखी मंदिर, ज्वालामुखी में ज्वाला माता मंदिर, धर्मशाला स्थित बौद्ध मंदिर, कांगड़ा स्थित माता बज्रेश्वरी मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और बैजनाथ स्थित शिव मंदिर।

