
सिरमौर- नरेश कुमार राधे
सिरमौर जिला की नगर पंचायत राजगढ़ धांधलियों का अड्डा बनती जा रही है। जनता द्वारा चुने हुए पार्षदों की अनदेखी की जा रही है। नगर पंचायत की चेयरपर्सन व सचिव द्वारा पार्षदों को किसी भी काम करने के लिए नहीं पूछा जाता है। मनमर्जी से अपने वार्ड के काम करवाए जा रहे हैं।
यह आरोप वार्ड नंबर दो की पार्षद सुमन चौहान व वार्ड नंबर चार की पार्षद ज्योति साहनी ने प्रेस नोट में लगाए। दोनों पार्षदों का कहना है, हम कांग्रेस पार्टी की विचारधारा रखते हैं। इसलिए हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है। हमारे वार्डों को छोड़कर अन्य वार्ड के काम करवाए जा रहे हैं।
हम जब भी पंचायत सचिव को मीटिंग करवाने के लिए बोलते हैं तो वह हमें टाल देता है। जनता ने हमें विकास कार्यों को करवाने के लिए चुना है। मगर समस्त नगर पंचायत द्वारा हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा हैं। नगर पंचायत कार्यालय में क्या हो रहा है क्या आय-व्यय किया जा रहा है, उसकी हमें कोई जानकारी नहीं दी जाती।
जनता से टैक्स के रूप में लाखों रुपये इकट्ठे किए जा रहे हैं, लेकिन वह पैसा कहां खर्च किया जा रहा है। उसकी कोई भी सटीक जानकारी नहीं दी जाती। सुमन व ज्योति ने कहा कि पूरी नगर पंचायत, विधायक के इशारों पर काम कर रही है। बस अपने चहेतों को काम बांटे जा रहे हैं।
नगर पंचायत में जो भी टेंडर करवाया जाता है, वह अंडरटेबल करवाया जाता है। आखिर क्यों ओपन टेंडर नहीं करवाए जाते।
ज्योति साहनी ने बताया कि उन्होंने अपने वार्ड नंबर चार में एक नालियों का टेंडर लगवाया था, जोकि तीन लाख रुपये का था। जिसमें लोगों के घरों के आगे से नालियां ढक्कन सहित बनानी थी। उसे भी आधे में ही लटकाया जा रहा है। यह टेंडर आठ महीने पहले किया गया था, जिसका काम आज तक शुरू नहीं किया गया। जो भी मीटिंग करवाई जाती है, उसमें सिर्फ कांग्रेस से चुने हुए पार्षदों को ही नहीं बुलाया जाता।
क्या कहते हैं अधिकारी
जब इस बारे में नगर पंचायत सचिव अजय गर्ग से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सारे टेंडर नोटिस बोर्ड पर लगाए जाते हैं। अंडर टेबल कोई भी टेंडर नहीं किया गया है। एक-एक वार्ड में काम करवाए जा रहे हैं, जो काम हाउस में अप्रूव हुए हैं वही काम करवाए जा रहे हैं। नगर पंचयात में सारे काम नियमानुसार किए जाते हैं।
