धर्मशाला में किसान सभा ने 44 श्रम कानून समाप्त कर चार कोड जारी करने के विरोध में निकाली रोष रैली

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धर्मशाला-राजीव जस्वाल

अखिल भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर जिला मुख्यालय धर्मशाला में जिला किसान सभा कांगड़ा व जिला सीटू के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केंद्र सरकार की किसान विरोधी व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए जिलाधीश कार्यालय तक रैली निकाली व प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन दिया।

अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर पूरे देश में किसान व मजदूर अपनी मंगों को लेकर आंदोलन में उतरे हैं। किसानों व मजदूरों के संयुक्त व मोर्चे ने मांग उठाई की देश के किसानों के हितों व आम जनता के हितों के खिलाफ तानाशाही पूर्ण तरीके से मोदी सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए।

इसी तरह पिछले 100 सालों के संघर्षों से मजदूरों ने हक की रक्षा के लिए जो श्रम कानून बनवाने में मजदूरों ने सफलताई पाई थी उन 44 श्रम कानूनों को केंद्र की मोदी सरकार ने समाप्त कर दिया ताकि देशी व विदेशी पूंजीपतियों को मजदूरों का शोषण करने की खुली छूट मिल जाए।

इसी जगह सिर्फ चार लेवर कोड बना दिए गए, जिनके अधिकांश प्रावधान पूंजीपतियों व बड़े कारपोरेट के पत्रक्ष में व मजदूरों के खिलाफ हैं इस लिए मांग की गई है कि मजदूर विरोधी चार लेवर कोड निरस्त किए जाएं व रद्द किए गए 44 श्रम कानूनों को पुन बहाल किया जाए।

इस मौके पर किसान सभा के जिला अधय्क्ष जगदीश जग्गी, जिला सचिव सतपाल सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान डा. एमएस दत्तल, उप प्रधान धनवीर, सुरेश कुमार, ईश्वर चंद, कर्म सिंह, केवल कुमार, अशोक कटोच, प्रताप सिंह, सहित अन्य मौजूद रहे।

 

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