
पिछले 1 साल से बिस्तर में है देवेंद्र, मां कर रही है सेवा, बेटे के इलाज के लिए परिवार ने हर संभव प्रयास किए, आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई कि अनाज के लिए भी पैसे नहीं
कुल्लू- मनदीप सिंह
जिला कुल्लू में डोभी के सलीगचा गांव की निवासी 52वर्षीय चंद्ररू देवी पत्नी हरिचंद, के परिवार में पति के अतिरिक्त एक बेटा देवेंद्र 26 वर्षीय है तथा एक पोत्री 4 वर्षीय है।
यह परिवार लोगों के खेतों में मजदूरी करके अपना पालन पोषण करता है । इनके बेटे देवेंद्र ने अपने रोजगार के लिए भेड़ बकरियां पाली हुई हैं । एक दिन देवेंद्र भेड़ बकरियों को चारा लाने के लिए पेड़ पर चढ़ा और पेड़ से चारा काटते समय पैर फिसल गया और देवेंद्र ऊंचाई से गिर गया।
नीचे पत्थर था उस पर देवेंद्र पीठ के बल गिरा जिससे उसकी पीठ का निचला हिस्सा सुन हो गया और शरीर में जख्म हो गया। देवेंद्र को इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई ले जाया गया। वहां पर उसका ऑपरेशन हुआ। जिसमें दो प्लेट पीठ में पड़ी है।
देवेंद्र के इस इलाज में लगभग 7 लाख का खर्चा आया जो कि इस परिवार के लिए बहुत ही मुश्किल था। लोगों और रिश्तेदारों ने मदद की और परिवार द्वारा कर्जा भी इलाज के लिए उठाया गया। लेकिन परिवार की समस्या कम नहीं हुई।
चंद्ररू देवी ने अपनी बेटी की शादी पड़ी धूमधाम से की लेकिन 1 साल से पहले ही बेटी घर आ गई और उसके बाद ससुराल वालों ने भी कभी कोई संबंध नहीं रखा। जिस कारण बेटी काफी बीमार रहने लगी। परिवार द्वारा हर संभव इलाज करवाया गया और कुछ समय बाद बेटी की मृत्यु हो गई।
मृत्यु से पहले बेटी ने एक छोटी बेटी को जन्म दिया। जो जन्म से ही अपने नाना नानी के साथ रहती है। एक तरफ बेटे के इलाज की समस्या और दूसरी तरफ पोती की जिम्मेदारी, भी परिवार के ऊपर है।
इलाज अभी निरंतर जारी था तो परिवार के पास पैसों का अभाव होने के कारण मदद के लिए कार सेवा दल संस्था से संपर्क किया। संस्था द्वारा सारी बात को सुनते हुए इन्हें इलाज की प्रक्रिया को शुरू किया और क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हर संभव सहायता प्रदान की।
डॉक्टरों से बातचीत के पश्चात अब इन्हें शिमला रेफर किया गया है। शिमला ले जाने और वहां पर इलाज का खर्चा भी संस्था द्वारा उठाया जा रहा है। हालांकि हिम केयर हेल्थ कार्ड की सुविधा परिवार को मिल रही है, लेकिन कई ऐसी दवाइयां, टेस्ट या अन्य कुछ सामान ऐसा होता है जो बाहर से ही लाना पड़ता है।
देवेंद्र को संस्था द्वारा एयर बेड की सुविधा भी दी गई है, ताकि बेडसोर वाले मरीज को राहत मिले और जल्दी से ठीक हो सके। देवेंद्र को आगे इलाज के लिए कार सेवा दल संस्था अपनी एंबुलेंस के जरिए शिमला भेजने का प्रबंध किया है और वहां पर इलाज दवाइयां के लिए भी संस्था द्वारा ही मदद की जाएगी
