सिरमौर – नरेश कुमार राधे
सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक और संगड़ाह पंचायत के पूर्व प्रधान कंठी राम भारद्वाज (88) के निधन से पूरे गिरिपार क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लंबे समय से बीमार चल रहे भारद्वाज का सोमवार तड़के सोलन के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
1990 के दशक में उनके नेतृत्व में चलाई गई जन मुहिम और हाईकोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका के चलते गिरिपार के भाट ब्राह्मण समुदाय के लोगों को दो दशक पहले ओबीसी का दर्जा प्राप्त हुआ था। टिकरी गांव में 1936 में जन्मे कंठी राम भारद्वाज,1995 में पुलिस उपाधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
उनके निधन पर हाटी समिति के पहले अध्यक्ष डॉ. रुप कुमार शर्मा, पूर्व प्रधान और कांग्रेस नेता बृजराज ठाकुर, हीरा पाल शर्मा, रविंद्र चौहान, प्रताप तोमर और अजय भारद्वाज सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
कंठी राम भारद्वाज को क्षेत्र के छात्रों और बेरोजगारों को सिविल सेवा की तैयारी और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहन देने के लिए भी याद किया जाएगा। दिवंगत भारद्वाज को क्षेत्र के छात्रों व बेरोजगारों को सिविल सर्विसेज की तैयारी व उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहन देने के लिए भी जाना जाता है।
वह ब्राह्मण सभा के शिरोमणि और इसके प्रथम अध्यक्ष रहे। इसके साथ ही वह ग्राम पंचायत संगड़ाह के प्रधान पद पर भी आसीन रहे। कंठी राम भारद्वाज इलाके के प्रथम राजपत्रित अधिकारी थे। कंठी राम भारद्वाज सिरमौर भाट ब्राह्मण समिति के अध्यक्ष और संस्थापक भी थे।

