
हिमखबर – डेस्क
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
तेरी अनकही बातों में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
तेरी खामोश हुई चुपी में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
इन बरसती हुई बरसातों में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
इन मखमली सी शामों में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
इन बहती हुई हवाओं में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
इन गुमशुम रातों में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
तुम से हुई मुलाकातों में,
मैं आज भी तुमको ढूंढता हूं
तुम से हुई छोटी-छोटी बातों में।
मौलिकता प्रमाण पत्र
मेरे द्वारा भेजी रचना मौलिक तथा स्वयं रचित जो कहीं से भी कॉपी पेस्ट नहीं है।
राजीव डोगरा (भाषा अध्यापक) गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा
पता-गांव जनयानकड़, पिन कोड -176038, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
9876777233 – rajivdogra1@gmail.com
