
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
हिमाचल प्रदेश में दो सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में संघर्ष कर रहे दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटर गुरुवार को बिलासपुर के नौणी से उपायुक्त कार्यालय तक 12 किलोमीटर तक पैदल मार्च करेंगे।
यह मार्च सुबह 11:30 से शुरू होगा। इससे चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बाधित होगा। इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पैदल मार्च से पहले नौणी चौक के पास निर्माणाधीन फोरलेन पर महासम्मेलन होगा।
वहीं, जिला पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने यातायात को डायवर्ट करने या रोकने की कोई जानकारी नहीं दी है। पैदल मार्च को देखते हुए पुलिस के करीब 100 जवान तैनात किए जाएंगे।
दि बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सभा बरमाणा और दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट से जुड़ी यूनियनों ने वीरवार को नौणी से उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर तक पैदल मार्च करने का एलान किया है।
इसमें दोनों सीमेंट प्लांट में ढुलाई करने वाले करीब 5,000 ट्रक ऑपरेटरों के शामिल होने की संभावना है। करीब 12 किलोमीटर लंबा यह पैदल मार्च नौणी चौक से शुरू होगा।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे से होता हुआ यह मार्च करीब दोपहर 2 बजे उपायुक्त कार्यालय पहुंचेगा। गोर हो कि 30 दिसंबर को बिलासपुर शहर में हुए पैदल मार्च में ट्रक ऑपरेटरों ने जमकर बवाल किया था और करीब दो घंटे तक चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा था।
उधर, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने बताया कि ट्रक ऑपरेटरों के पैदल मार्च को देखते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बरमाणा में पहले से ही बटालियन के जवान पहुंच गए हैं, उन्हें पैदल मार्च के दौरान तैनात किया जाएगा।
मामला जल्द न सुलझा तो हिमाचल में नहीं आने देंगे एक भी मालगाड़ी
वहीं, ट्रक ऑपरेटरों का आंदोलन 34वें दिन भी जारी रहा। ट्रक ऑपरेटर रोजाना की तरह बीडीटीएस भवन परिसर में एकत्रित हुए और अदाणी समूह के खिलाफ नारेबाजी की।
बीडीटीएस के पदाधिकारियों ने ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित किया। सभी ने अदाणी समूह के खिलाफ भड़ास निकाली और सरकार पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी ने कहा कि सरकार मामला जल्द नहीं सुलझाती है तो चक्का जाम किया जाएगा। हिमाचल की सीमा को सील कर दिया जाएगा। एक भी मालगाड़ी को नहीं आने दिया जाएगा। प्रदेश में बाहर से सीमेंट की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
ध्यान सिंह ठाकुर ने कहा कि एसीसी के बरमाणा और अंबुजा के दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट को बंद हुए एक महीने से अधिक समय हो गया है।ट्रक ऑपरेटरों का रोजगार छिन गया है।
आजीविका के लिए इन प्लांटों पर आश्रित हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। फैक्ट्रियां दोबारा खोलने की मांग को लेकर ट्रक ऑपरेटर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
सभा के प्रधान राकेश ठाकुर ने नौणी चौक पर हो रहे महासम्मेलन में धरना प्रदर्शन के दौरान सभी सदस्यों से आने की अपील की। कहा कि हाजिरी हर वार्ड नंबर की अलग-अलग लगेगी। जो सदस्य गैरहाजिर रहेगा, उसकी गाड़ी सभा के गत्ते से बाहर कर दी जाएगी।
वरिष्ठ उपप्रधान कमल किशोर, उप प्रधान जय सिंह ठाकुर, महासचिव प्रदीप ठाकुर, मुख्य संरक्षक अनिल हैपी, अध्यक्ष लेखराम वर्मा, उपाध्यक्ष गंगा सिंह ठाकुर, चीफ कोषाध्यक्ष संतोष ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी और ट्रक ऑपरेटर उपस्थित रहे।
नड्डा और ठाकुर से जल्द विवाद को सुलझाने की मांग
ट्रक ऑपरेटरों और सीमेंट कंपनी के बीच मालभाड़े को लेकर उपजे विवाद को 36 दिन पूरे हो गए हैं। ट्रक ऑपरेटरों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से जल्द पीएम मोदी से मुलाकात कर इस विवाद को सुलझाने की मांग की है।
उधर, बुधवार को ट्रक ऑपरेटर कंपनी गेट पर इकट्ठा हुए और आक्रोश रैली निकली। अंबुजा चौक पर लगभग दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान 19 जनवरी को बिलासपुर के नौणी में प्रस्तावित रैली में भारी संख्या में भाग लेने के आह्वान किया गया।
बाघल विकास परिषद के प्रधान एवं माइनिंग एरिया लैंड लूजर सोसायटी ग्याना के संस्थापक परस राम पिंकू ने कहा कि ऑपरेटरों को भरोसा था कि सरकार मुद्दे को सुलझाने के लिए संजीदा होगी,
लेकिन कई बैठकों के बाद कोई बात नहीं बन पाई है। अदाणी ग्रुप दाड़लाघाट की ट्रक यूनियनों की तुलना देश की अन्य यूनियनों से कर रहा है। यह सही नहीं है।
एसडीटीओ के निदेशक नीलम भारद्वाज ने कहा कि अदाणी ग्रुप तानाशाही पर उतर आया है। दाड़लाघाट के ऑपरेटर कभी नहीं झुकेंगे।
ट्रक ऑपरेटर और प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुणाल शर्मा ने कहा कि यह मुद्दा केवल प्रदेश के ट्रक ऑपरेटरों का ही नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब का भी बन गया है।
जिला रोपड़ के किरतपुर क्षेत्र के 200 से अधिक ट्रक बरमाणा में 1985 से कार्यरत हैं। रोपड़ के तहत 14 पंचायतों के प्रतिनिधि रेल से क्लींकर आने की सूरत में अदाणी के विरुद्ध हो गए हैं।
जो हमारा समर्थन कर रहे हैं। पटियाला के हीराबाग में 800 से अधिक ट्रक की बॉडी बनाने वाले और मोटर मेकेनिक समर्थन कर रहे हैं।
उद्योग मंत्री दोनों पक्षों से 20 को करेंगे वार्ता
वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सीमेंट विवाद सुलझाने के लिए दोनों पक्षों से 20 जनवरी को दोपहर बाद 3:00 बजे सचिवालय में वार्ता करेंगे।
सीमेंट विवाद सुलझाने के लिए बनाई गई उप समिति के अध्यक्ष केसी चमन की अध्यक्षता में शिमला में बुधवार को ट्रक यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। मामला रेट बढ़ाने पर ही अटका है।
ट्रक ऑपरेटरों ने साफ कहा है कि सीमेंट ढुलाई के रेट किसी कीमत पर कम नहीं होने देंगे। यह रेट तय फार्मूले के आधार ही निर्धारित किए जाएं।
उच्च स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष और राज्य के प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम ने कहा कि विवाद शीघ्र सुलझा लिया जाएगा। इससे पहले दोनों पक्षों के साथ बैठकें की जा रही हैं।
उप समिति के अध्यक्ष केसी चमन के साथ बैठक के बाद ट्रक ऑपरेटरों के प्रतिनिधि रामकृष्ण शर्मा ने कहा कि सीमेंट ढुलाई के रेट कम नहीं होंगे।
महंगाई को देखते हुए तय फार्मूले के अनुसार सीमेंट ढुलाई के रेट तय किए जाएं। यह अनौपचारिक बैठक थी और इसमें ट्रक ऑपरेटरों के छह सदस्य शामिल थे।
केसी चमन ने कहा कि सीमेंट ढुलाई रेट पर सहमति बनाने के लिए ट्रक ऑपरेटरों से वार्ता की गई है। अब मंत्री की अध्यक्षता में बैठक होनी है।
