
सिरमौर- नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के नाहन का रहने वाले बालक नमन भटनागर ने राष्ट्रीय टेबल टेनिस के पटल पर धाक जमाई है। मामूली सी कमी रह गई, अन्यथा वो राष्ट्रीय चैंपियन बन जाता। शायद, हिमाचल से लंबे अरसे में नमन ऐसे पहले टेबल टेनिस खिलाड़ी होंगे, जो नेशनल रनर अप बने हैं।
अंडर-15 यूथ बॉयज के एकल फाइनल मुकाबले में असम के प्रियनुज ने नमन को हराया। 83वें कैडेट व सब जूनियर नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आयोजन मध्य प्रदेश के इंदौर में किया जा रहा है।
दरअसल, दिल्ली में प्रियनुज व नमन टीटीएफ में एक साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये दोनों ही खिलाड़ी एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह जानते हैं। ये भी खास है कि खिलाड़ियों ने फाइनल मुकाबले में एक स्वस्थ लड़ाई लड़ी। प्रियनुज ने एक मैच प्वाइंट हासिल कर लिया था, लेकिन नमन ने धैर्य बनाए रखा और मैच में शानदार वापसी कर ली।
आखिर में प्रियनुज ने छठे गेम को 12-10 से जीत कर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में अंतिम स्कोर 8-11, 11-7, 11-14, 8-11, 11-7 व 12-10 का रहा। मैच के स्कोर से ही साफ अंदाजा लग रहा है कि फाइनल मुकाबले में किस स्तर का खेल खेला गया होगा।
शुरू के तीन सैट में नमन ने 2-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद भी एक सैट को जीता। सेमी फाइनल मुकाबले में नमन ने तमिलनाडू के बालामुरुगन मुथु को 9-11, 11-5, 15-13, 4-11, 11-7 व 15-13 के स्कोर से हराया था।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडू के बालमुरुगन मुथु अंडर-15 वर्ग में खिताब जीतने के प्रबल दावेदार थे, लेकिन हिमाचल प्रदेश के नमन भटनागर के काउंटर ने नंबर-1 खिलाड़ी के सपने को चकनाचूर कर दिया। वो शानदार ओपनिंग के बावजूद सेमी फाइनल मुकाबले को नहीं जीत पाया।
ये मुकाबला जीतने के बाद नमन की राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार हो सकता है। नमन ने सेमी फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर इस बात का संकेत दे दिया था कि फाइनल मुकाबले में भी वो आसानी से प्रतिद्वंदी खिलाड़ी को जीत हासिल नहीं करने देगा।
नमन के पिता विकास भटनागर इस समय धर्मशाला में जेल अधीक्षक हैं, जबकि मां दुर्गेश एक शिक्षिका हैं। नमन ने अक्तूबर 2021 में प्रदेश स्तर पर उस समय सबको हैरत में डाल दिया था, जब 13 साल की उम्र में राज्य का मैन्स चैंपियन बन गया था। एक साथ चार खिताब अपने नाम किए थे।
2018 में राष्ट्रीय स्तर पर नमन भटनागर को देश में 17वीं रैंकिंग हासिल हुई थी। ये भी सामने आया था कि वो भारत में सीनियर नेशनल खेलने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी रहा होगा। नमन ये कह चुका है कि उसका अल्टीमेट गोल ओलंपिक खेलों मे भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
उधर, पिता विकास भटनागर ने कहा कि प्यारे बेटे ने हमें फिर से गौरवान्वित किया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि काश बेटे के सपनों को साकार करने के लिए भगवान हमेशा उसका मददगार बना रहे। विकास ने नमन के कोच रवि सर, जैन सर व टीटीएफआई के फैकल्टी सदस्यों का आभार जताया। साथ ही छवि सर को नमन को पढ़ाई में सहयोग करने पर धन्यवाद किया।
बता दें कि नमन के पहले टीटी कोच नाहन के रहने वाले मनीष नेपाली हैं। इसके अलावा परिवार ने राकेश जस्सल व यशपाल राणा का भी आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने नमन के कौशल को निखारने में मदद की है।
