
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग ने 845 टीजीटी को प्रवक्ता पद पर प्रमोट किया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ,शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर और शिक्षा निदेशक डाक्टर अमरजीत शर्मा का इसके लिए आभार व्यक्त किया है।
पिछले 4 सालों में जिस प्रकार से शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और कर्मचारियों की मांगों को और उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने काम किया है, उसके लिए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सरकार का आभार व्यक्त करता है। यह पहली बार हुआ है कि एक ही समय में 845 टीजीटी को पदोन्नति दी गई हो।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की हिमाचल इकाई प्रवक्ता बनने पर सभी अध्यापको को शुभकामनाएं देता है और उनसे उम्मीद करता है तो उनका योगदान हमेशा राष्ट्र हित में होगा।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, प्रांत महामंत्री डाक्टर मामराज पुंडीर, संगठन मंत्री विनोद सूद, सह संगठन मंत्री, भीष्म और प्रांत के सभी कार्यकारिणी के सदस्य तथा जिले की कार्यकारिणी के सदस्यों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।
प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ समय-समय पर सरकार से वार्तालाप करता रहा है, जिसका नतीजा इन चार वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई कार्य करवाने का प्रयास किया है।
डाक्टर मामराज पुंडीर ने कहा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्रदेश के सभी अधिकारियों का हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री और उनके कैबिनेट के सभी सदस्यों का प्रशिक्षण महासंघ की मांगों को प्रमुखता देने के लिए आभार व्यक्त करता है।
इस लिस्ट में केमिस्ट्री के 62, जियोलॉजी, संस्कृत और सोशलॉजी के 27, राजनीतिक विज्ञान के 115, इंग्लिश के 121, मैथ के 58, हिस्ट्री के 104, इकोनॉमिक्स के 79, बायोलॉजी के 47, फिजिक्स के 71, कॉमर्स के 53 और हिंदी सब्जेक्ट में 99 को प्रवक्ता बनाया गया है। इस लिस्ट का 3 दिन से इंतजार था।
इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से फाइल निकलने के बाद शिक्षा निदेशालय ने दिव्यांग शिक्षकों की लिस्ट पूरी न होने का बहाना बताकर लिस्ट को रोक लिया था। पदोन्नत प्रवक्ताओं को नए स्टेशन भी दिए गए हैं। इन्हें जॉइनिंग के लिए 15 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। आदेशों में कहा गया है कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी।
