
शिमला – जसपाल ठाकुर
जिला परिषद कर्मचारियों का पंचायतीराज विभाग में मर्जर करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी निदेशक पंचायतीराज विभाग की अध्यक्षता में काम करेगी,
वहीं जिला परिषद कर्मचारी व अधिकारी महासंघ से प्रदेशाध्यक्ष खुबेराम दुग्गल, स्टेट प्रेजीडेंट एई एसोसिएशन प्रदीप मेहता, पंचायत सचिव महासंघ के राज्य सचिव राजेश ठाकुर और जेई यूनियन की अध्यक्ष सुलक्षणा जसवाल को कमेटी में शामिल किया गया है।
बीत दिनों 14 दिनों तक चली जिला परिषद कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर की अध्यक्षता में एक बैठक भी आयोजित की गई थी।
बैठक में जिला परिषद कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग लागू करने के लिए जुलाई महीने की केबिनेट में मामला लाने का आश्वासन दिया गया था।
इसके लिए जिला परिषद कर्मचारियों को पंचायतीराज विभाग में मर्ज करने के लिए निदेशक पंचायतीराज विभाग की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी।
इसके अलावा अन्य मांगों पर भी चर्चा हुई थी। इस आश्वासन के बाद जिला परिषद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को वापस ले लिया था। ऐसे में अब इस बैठक की प्रोसिंग्स आ गई है।
प्रोसिंग्स के मुताबिक कमेटी की बैठक 10 दिनों के अंदर करवाई जानी थी। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले एक हफ्ते में कमेटी की पहली बैठक आयोजित करवाई जाएगी।
जिला परिषद काडर 73वें संवैधानिक संशोधन के तहत अस्तित्व में आया था। ऐसे में अब इन कर्मचारियों को पंचायतीराज विभाग में मर्ज करने के लिए कमेटी की ओर से 73वें संशोधन का अध्ध्यन किया जाएगा और आने वाले एक महीने के अंदर जिला परिषद कर्मचारियों को पंचायतीराज विभाग में मर्ज करने को लेेकर प्रयास किए जाएंगे।
गौरतलब है कि जिला परिषद कर्मचारियों ने फिलहाल एक महीने के लिए हड़तालक को स्थगित किया है। महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है अगर सरकार व पंचायतीराज विभाग की ओर से जिला परिषद कर्मचारियों को विभाग में विलय करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो फिर जिला परिषद कर्मचारी दोबारा हड़ताल शुरू करेंगे इसके लिए सरकार व विभाग जिम्मेदार होगा।
ऊना में पंचायतीराज का नया जोन
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज के अभी तक सिर्फ दो ही जोन थे। एक जोन शिमला ओर दूसरा जोन धर्मशाला था। अब पंचायतीराज विभाग के तहत तीन जोन हो गए है।
कांगड़ा मंडल का विभाजन कर अब ऊना जिला के बंगाणा में नया जोन बनाया गया है। इसके लिए 12 भी सृजित किए जाएंगे। इसके लेकर पंचायती राज विभाग की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
