
नूरपुर, देवांश राजपूत
बरसात का पानी घरों में न घुसे इसके लिए कुछ वर्ष पूर्व कस्बा जसूर में 11 करोड़ की लागत से सड़कों को आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के साथ जोड़ा गया है। लेकिन अब यह नालियां पानी निकासी के काम में कम और कूड़ेदान के रूप में ज्यादा प्रयोग की जा रही है। नालियों में कूड़े के ढेर लगने से कस्बे के कुछ लोगों के घरों की नालियां अवरुद्ध हो गई हैं। इसका कारण है कि इस बाजार में कुछ एक दुकानदार अपने यहां से निकलने वाले कूड़े करकट को अपनी सफाई कर्मचारी द्वारा ठिकाने लगाते हैं। जबकि अधिकांश कारोबारी अपने परिसर के समीप बनी विशाल नालियों को कूड़ेदान के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
कस्बे के वार्ड सदस्य अंकित वर्मा, कमला शर्मा, रवि नैय्यर अंकुश गुलेरिया आदि ने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है कि यहां के अधिकांश कारोबारी अपने परिसरों से निकलने वाले कूड़े करकट को सही ढंग से ठिकाने लगाने के बजाए या कोई सफाई कर्मचारी नियुक्त करने की बजाय समीप बनी नालियों में डालकर कस्बे में महामारी को न्योता दे रहे हैं। इन जनप्रतिनिधियों ने खेद व्यक्त किया है कि प्रस्तावित कूड़ा संयंत्र स्थापित अभी तक स्थापित नहीं हो सका। उन्होंने सरकार से जसूर के समीप इस प्रकार का कूड़ा संयंत्र जल्द लगाए जाने की मांग उठाई है।
यह बोले व्यापार मंडल प्रधान व्यापार मंडल जसूर के कार्यकारी प्रधान राजीव राजू ने कहा कि सभी कारोबारियों तथा स्थानीय लोगों से निवेदन है कि बरसात के पानी के लिए बनी सड़क किनारे नालियों का प्रयोग कूड़ेदान के रूप में न करें । क्योंकि इसमें भविष्य में पनपने वाली किसी प्रकार की महामारी का सबसे ज्यादा कुप्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ेगा । इस बाजार में कुछ एक कारोबारी अपना कूड़ा कर्कट उठाने के लिये सामूहिक रूप से नियुक्त सफाई कर्मी की सेवाएं ले रहे हैं। बाकी के कारोबारी भी इनका अनुसरण करें तथा सफाई कर्मचारी को मासिक शुल्क देने में संकोच ना करें।
यह बोली पंचायत प्रधान पंचायत प्रधान जसूर, ज्योति देवी ने बताया कि बाजार में पानी की निकासी के लिए बनी विशाल ड्रेनेज नालियों में कुछ एक कारोबारी परिसरों द्वारा कूड़ा गिराए जाने की जानकारी पंचायत को मिली है। पंचायत ऐसे असामाजिक तत्वों से कड़ाई से निपटेगी। पँचायत इस बात की भी जांच करेगी कि प्रत्येक कारोबारी द्वारा क्या सफाई व्यवस्था अमल में लाई जा रही है। कारोबारी सामूहिक तौर पर सफाई कर्मचारी तैनात करें। सफाई व्यवस्था बनाए रखने में असफल रहने पर नियमानुसार कार्यवाही होगी।
