
तीन महीने से नहीं मिला मजदूरों को वेतन, कंपनी की लापरवाही सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भारी
मंडी – डॉली चौहान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना से छोटी काशी मंडी में बनाए जा रहे धार्मिक महत्त्व के अनोखे प्रोजेक्ट शिवधाम का काम बंद पड़ गया है। 150 करोड़ की संभावित लागत से बनने वाले शिवधाम का काम पिछले 17 दिनों से भी लंबे अरसे से ठप पड़ा है।
यही नहीं, शिवधाम के काम में लगे सैकड़ों मजदूरों को तीन महीने से मजदूरी तक नहीं मिल सकी है। शिवधाम के निर्माण में लगी जेनरिक इंजीनियरिंग कंपनी की मनमानी और लापरवाही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भारी पड़ रही है। कंपनी ने तीन महीने से मजदूरों को मजदूरी और अपने स्टाफ को भी वेतन का भुगतान नहीं किया है, लिहाजा मजदूरों ने शिवधाम का काम ही करना बंद कर दिया है।
नवंबर में शिवधाम प्रोजेक्ट के काम में एक भी ईंट नहीं लगी है। मजदूरी न मिलने से सैकड़ों मजदूरों को खाने-पीने के लाले पड़े हुए हैं। शिवधाम प्रोजेक्ट की साइट पर मजदूरों के रहने और पेयजल तक की उचित व्यवस्था नहीं है। वहीं, सोशल मीडिया पर मजदूरों की व्यथा वायरल होने के बाद एचपीटीडीसी के अधिकारियों ने कंपनीअधिकारियों को तलब कर फटकार लगाई है।
उधर, श्रम विभाम ने भी एचपीटीडीसी और जेनरिक कंपनी को तीन दिन के भीतर मजदूरों के वेतन भुगतान करने के आदेश दिए हैं। गुरुवार को जिला प्रशासन ने भी शिवधाम प्रोजेक्ट की साइट पर पहुंच कर मजदूरों को गर्म कंपड़े, गर्म कंबल और राशन वितरित किया है।
मंडी जिला प्रशासन ने भी इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। उधर, जिला श्रम अधिकारी भावना शर्मा ने बताया कि कंपनी और एचपीटीडीसी के अधिकारियों को बुलाया गया था। उन्हें तीन दिनों के भीतर मजदूरों के वेतन का भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।
वहीं, एडीसी मंडी जतिन लाल ने बताया कि मजदूरों को राशन, हाईजीन किट, गर्म कंपड़े कंबल रजाई और अन्य सामान दिया गया है। कंपनी के अधिकारियों से बात की गई है और जल्द ही समस्या का हल हो जाएगा।
150 करोड़ के प्रोजेक्ट में रोप-वे भी
शिवधाम 150 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण तीन चरणों में किया जाना है। फिलहाल प्रदेश सरकार ने इसके लिए 36 करोड़ रुपए दिए हैं, जबकि प्रोजेक्ट की बाकी फंडिंग एडीबी के माध्यम से होनी है। इसकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। शिवधाम पूरी तरह से तैयार होने के बाद हजारों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा और इसे रोप-वे से भी जोडऩे की योजना है। इससे मंडी के पर्यटन को चार चांद लगने की उम्मीद है।
कैलाश द्वार, भगवान शिव की प्रतिमा
शिवधाम में प्रवेश के लिए कैलाश द्वार होगा। यहां भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी। गंगा कुंड होगा, शिव वंदना के नाम से ओरिएंटेशन सेंटर, रुद्रा मंडल और डमरू मंडल बनेगा। यहां भगवान शिव के डमरू के दर्शन और डमरू मंडल के पास खाने.पीने की वस्तुएं मिलेंगी।
मानसरोवर कुंड, मोक्ष पथ, बिल्वपत्र कुंड, शिवस्मृति म्यूजियम तथा एक बड़ा शिवलिंग स्थापित होगा। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भी करवाए जाएंगे। माता पार्वतीए कार्तिकेय और गणेश भगवान की प्रतिमाएं भी होंगी। हर्बल गार्डन, नक्षत्र वाटिका, एमफ ी थियेटर होगा और सैकड़ों गाडिय़ों के लिए पार्किंग सुविधा होगी।
जयराम ठाकुर ने किया था शिलान्यास
बता दें कि मंडी कांगणीधार में शिवधाम का निर्माण किया जा रहा है। शिवधाम का शिलान्यास मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 27 फरवरी, 2021 को किया था। इसका पहला टेंडर सरकार ने 36 करोड़ रुपए का लगाया है। इसका 40 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है और कंपनी को 11 करोड़ रुपए के लगभग का भुगतान भी हो गया है,
लेकिन अब पिछले 17 दिनों से शिवधाम का काम बंद पड़ा हुआ है। सितंबर और अक्तूबर में भी शिवधाम का काम कुछ दिनों के लिए बंद हो गया था। उस समय मुख्यमंत्री ने स्वयं फोन कर अधिकारियों को लताड़ लगाई थी। वहीं, अब फिर से शिवधाम का काम बंद पड़ा हुआ है।
