सोलन – रजनीश ठाकुर
सोलन शहर के बसाल में खुले में फेंकी गई एक्स्पायरी दवाइयों ने एक बार फिर खलबली मचा दी है। रात के अंधेरे में कोई चुपचाप भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां व बोतलों सहित इंजेक्शनों को बसाल स्थित हेलिपैड के समीप खुली खाई में फेंक गया।
मजेदार बात तो यह है कि इन दवाइयों के साथ-साथ सोलन के ही होलसेलर की बिल बुक भी मिली है, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसने इस तरह की हरकत की है।
बहरहाल इन दवाइयों व बोतलों के यूं खुले में फेंकने से न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगे हैं, वहीं पर्यावरण को भी खासा नुकसान पहुंचा है।
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा रोष है और उनका कहना है कि ऐसे मामले से उनकी सेहत से भी खिलवाड़ हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह मामला रविवार देर रात का है।
सोमवार सुबह जब बसाल हेलिपैड के समीप गडियाला गांव के लोग अपने कार्यों के लिए घरों से निकले, तो इतनी भारी मात्रा में फेंकी गई दवाइयों, ग्लूकोज की बोतलों व इंजेक्शनों को देखकर हैरान रह गए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस स्थान को पहले ही कुछ अज्ञात लोगों ने डंपिंग जोन बना रखा है और रात के अंधेरे में यहां पर कूड़ा कचरा सहित अन्य वेस्ट मैटिरियल फेंका जाता है। इसकी शिकायत स्थानीय ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों से भी कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्लूकोज की बोतलें
इन एक्सपायरी दवाइयों में केवल गोलियों के पत्ते ही नहीं बल्कि खांसी की दवाई की बोतलें, ग्लूकोज की बोतलें व ढेर सारे इंजेक्शन भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, इन्हीं दवाइयों के बीच सोलन के एक दवाई होलसेलर की बिल बुक भी मिली है। लोगों का कहना है कि इस तरह खुले में एक्सपायरी दवाइयों को फेंकना उनकी सेहत से भी खिलवाड़ है।

