क्षेत्र के कई गांवों में आवारा छोड़े जा रहे मवेशियों की समस्या पर जताई गहरी चिंता
चम्बा – भूषण गुरुंग
खब्बी धार पर्यटन विकास संगठन ने खब्बी धार क्षेत्र के गांव बड़ी जमुहार, डुगीगोठ, नागुणी, खड़ेरू, नागौनी, सारना हाडार और बेंदलह में लगातार आवारा छोड़े जा रहे गौवंश के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधान खब्बी धार पर्यटन विकास संगठन राजिंदर ठाकुर ने कहा कि यह स्थिति सिर्फ धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि मानवता पशु कल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी गंभीर प्रश्न बन चुका है।
संगठन के अनुसार कुछ ग्रामीण हिंदू समुदाय के लोग अपनी गौमाताओं को घूमंतू मुस्लिम समुदाय के लोगों को धनराशि देकर उनके हवाले कर देते हैं, जो गर्मियों में गौमाता को खब्बी धार के ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में चराने ले जाते हैं। किंतु जैसे ही सर्दियाँ आती है, जब क्षेत्र में चार से पाँच फीट तक बर्फबारी होती है तो वही लोग गौमाता को वहीं छोड़कर लौट आते हैं। ठंड और खाने के बिना इन निर्दोष जीवों की मौत या जंगली जानवरों द्वारा शिकार हो जाना एक बेहद हृदय विदारक और अमानवीय स्थिति बन चुकी है।
संगठन ने स्पष्ट कहा कि यह विषय अब हिंदू गौ-रक्षक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि गौमाताओं को उचित गो-सदनों तक पहुँचाया जा सके, जहाँ उनकी नियमित देखभाल, चारा-पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।
संगठन की मुख्य सलाहकर राकेश ठाकुर और मीडिया प्रतिनिधि ऐशलै ठाकुर ने कहा कि गौवंश की रक्षा करना केवल धर्म नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और चेतना की पहचान है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि हम शब्दों से आगे बढ़कर संकल्प लें न किसी को गौमाता पर अत्याचार करने दें, न किसी गौ को बेसहारा होने दें।
संगठन ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति अपनी गौमाता को जंगलों या खुले क्षेत्रों में छोड़ता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। संगठन ने बताया कि वर्तमान समय में लगभग 70 मवेशी धार में आवारा पाये गये है।

