
बल्ह – अजय सूर्या
बसहेडु राजपूत अपने स्वाभिमान के लिए पिछले कई दशकों से संघर्षरत हैं । राजनीतिक सत्ता और नौकरी में उन्नति के लोभ में इसी जाति के कुछ संपन्न परिवारों ने निचले नाचन और निचले बल्ह के क्षत्रिय लोगों को आरक्षित बना दिया ।
आज हर वर्ग किसी न किसी तरह के आरक्षण के दायरे में आना चाहता है ।
वहीं बसेडू राजपूत अपनी मर्यादा को पुनः हासिल करना चाहते हैं और कई दशकों से न्यायालय में संघर्षरत हैं ,समय के साथ बसेडु राजपूतों का स्वाभिमान धुंधला होता जा रहा है ,लेकिन हम चाहते हैं कि हमारे नौजवान और नई पीढ़ी अपने इस समुदाय के इतिहास को जाने और जबरदस्ती से थोपे गए आरक्षण से मुक्ति चाहते है ।
इस समुदाय का इतिहास उठाकर देखें तो इसमें पता चलता है कि इसमें बड़े बड़े राजा महाराजा इस वंशावली में आते हैं जैसे महाराणा, प्रताप, पृथ्वीराज, चौहान आदि अनेक है जिनका इतिहास गवाह है कि इस समुदाय का रुतबा और समाज के लिए क्या योगदान रहा है?
इस समुदाय का वर्णन आपको गुजरात राजस्थान महाराष्ट्र और यूपी में भी मिलेगा और इस समुदाय के लोग हिमाचल में बिलासपुर मंडी के जोगिंदर नगर कांगड़ा हमीरपुर के बंगाना में है जो कि सामान्य वर्ग में है, लेकिन ऐसा क्या है कि मंडी जिला के निचले बल्ह और निचले नाचन विधानसभा क्षेत्र के लोगों को क्यों अनुसूचित में रखा गया है जबकि यह समुदाय सामान्य वर्ग में आता है।
आज की मीटिंग रिटायर्ड सूबेदार श्री सौजू राम राजपूत जी की अध्यक्षता में हुई जिसमे सभी ने जागरूक होने की अपील अपने समुदाय के लोगों से की। मीटिंग में जितने भी लोग थे, सभी का एक ही मत था हम आरक्षण नहीं चाहते। हमें सामान्य वर्ग में किया जाए जो हमारा हक है।
