
नलेटी/देहरा – आशीष कुमार
केंद्रीय विद्यालय नलेटी में आज दिनांक 5 सितंबर को शिक्षक दिवस बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य स्वाति अग्रवाल मुख्य अतिथि रही। सबसे पूर्व मुख्य अतिथि महोदया तथा सभी शिक्षकों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इसके पश्चात स्नातकोत्तर शिक्षक (हिंदी) चंद्र प्रकाश मीना ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के द्वितीय राष्ट्रपति तथा प्रथम उप-राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था। उनका जन्मदिन (5 सितम्बर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए । सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत कक्षा सात के बच्चों ने गुरु वंदना पर नृत्य के साथ की । इसके अतिरिक्त कक्षा छठी की छात्रा अक्षरा ने कविता तथा आराध्या कालिया ने नृत्य के माध्यम से सबका मन मोह लिया।
इसके पश्चात विद्यालय छात्र कप्तान एकाग्र गुप्ता ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। सांस्कृतिक कार्यक्रमो मे प्राथमिक विभाग के बच्चों द्वारा दी गई नृत्य प्रस्तुति ने विद्यालय प्रांगण को महका दिया । इस अवसर पर विद्यालय के कक्षा बारहवीं के बच्चों ने छात्र शिक्षक के रूप में शिक्षकों का कार्यभार संभाला तथा संबंधित शिक्षकों ने उनकी भूमिका निभा रहे छात्र शिक्षकों को आशीर्वचन दिए ।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या स्वाति अग्रवाल ने बताया कि सच्चा ज्ञान वही है जो आपके अन्दर के अज्ञान को समाप्त कर सकता है । उन्होंने सभी छात्र शिक्षकों से कहा कि वे अपने शिक्षकों के समान विद्यालय में अनुशासन बनाएं रखें तथा स्वयं भी अनुशासन में रहें ।
डॉ. राधाकृष्णन के विषय में उन्होंने बताया कि वे जिस भी विषय को पढ़ाते थे, पहले स्वयं उसका गहन अध्ययन करते थे।दर्शन जैसे गम्भीर विषय को भी वह अपनी शैली से सरल, रोचक और प्रिय बना देते थे। इसलिये इनके जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप मे मनाते है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने एक बार पुन: सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी।
