शिमला – हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की अकेली सीट के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले, मुख्यमंत्री सुखविदर सिंह सुक्खू दिल्ली गए हैं। इसी बीच सोमवार को सीएम केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले।
बताया जा रहा है कि सीएम ने केंद्रीय मंत्री से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट यानी आरडीजी पर हिमाचल का पक्ष रखा है। उधर, श्री सुक्खू के इस दौरे को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार निर्धारित नहीं किया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू के सोमवार को पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस समिति के वरिष्ठ नेताओं से मिलने की उम्मीद है। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की यह बैठक 2024 के राज्यसभा चुनाव में लगे झटके को देखते हुए खास तौर पर अहम है।
मुख्यमंत्री सुक्खू की केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत को असहमति को रोकने और विधायकों को दोबारा बागी होने से रोकने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी उम्मीवाद के लिए कई नामों पर बातचीत चल रही है।
केंद्रीय नेतृत्व में पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल, प्रवक्ता पवन खेड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा राज्यसभा जाने के लिए बड़े नाम बने हुए हैं।
राज्य इकाई से स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल, पूर्व हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रतिभा सिंह, वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर और पूर्व मंत्री आशा कुमारी के नामों पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के करीबी नामों में राजनीतिक सलाहकार सुनील बिटू, आईटी सलाहकार गोकुल बुटियाल और मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के नाम भी चर्चा में हैं।
भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं क्योंकि उसका कदम कांग्रेस उम्मीदवार के चुनाव पर निर्भर करेगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगर कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में नहीं रहने वाले उम्मीदवार को चुनती है तो मुकाबला हो सकता है।

