
शिमला, जसपाल ठाकुर
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने लाहुल स्पिति और किन्नौर के साथ सीमा पर बढ़ती चीनी गतिविधियों पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मार्कंडेय के परस्पर विरोधी बयान पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रदेश के साथ लगती सीमाओं को लेकर सरकार गंभीर नही है।उन्होंने कहा है कि पिछले साल यहां सीमा पर चीनी सैनिकों की गतिविधियों व सड़क निर्माण की एक वीडियो स्थानीय लोगों, भेड़पालकों ने बनाई थी।
उसके बाद प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री रामलाल मार्कण्डे ने अपने बयान में चीनी सैनिकों के यहां सीमा से 20 किलोमीटर अंदर घुसने की बात कही थी।उस समय मंडी के भाजपा सासंद स्व.रामस्वरूप शर्मा ने ठीक इसके विपरीत किसी भी प्रकार की घुसपैठ को नकारा था।आज उसी प्रकार मार्कण्डे नकार रहें है और वह मुख्यमंत्री के बयान के विपरीत बोल रहें है कि वहां ऐसी कोई भी गतिविधि नही है।।उन्होंने मुख्यमंत्री से जानना चाहा है कि दोनों नेताओं के बयान में ऐसा परस्पर विरोध क्यों है।
राठौर ने मुख्यमंत्री से इस बारे पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।उन्होंने कहा है कि लाहुल स्पिति और किन्नौर के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले प्रदेशवासियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है।प्रदेश की सीमा के भू भाग की पूरी सुरक्षा की जानी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि उन्होंने इस मामलें को लेकर पिछले साल 5 अगस्त 2020 को ,जब उनके संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने तुरंत ही केंद्र सरकार के साथ साथ प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री को इस बाबत एक ज्ञापन भी दिया था,पर दुःख की बात है कि मुख्यमंत्री को लाहुल स्पिति में सैन्य अधिकारियों के साथ स्थिति का ज्याजा लेने का मौका 9 महीनों बाद मिला अब जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार चीनी सैनिकों ने यहां पर अपनी पक्की चौकियों व भवनों का निर्माण पूरा कर दिया है।
उन्होंने कहा है कि यहां चीन की बढ़ती गतिविधियों से किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने भी अपनी चिंता जाहिर करते हुए सरकार को आगह किया था। राठौर ने प्रदेश की सीमा पर अधिक चौकसी बढ़ाने और अतिरिक्त सैन्य बल तैनात करने की मांग करते हुए सरकार से जनजातीय क्षेत्रो में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
