कुगती पास में भेड़पालकों के सामने आई ये बड़ी मुसीबत, 3000 से अधिक भेड़-बकरियां फंसी

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चम्बा – भूषण गुरुंग

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के भरमौर क्षेत्र के कुगती पास में एक बड़े ग्लेशियर के पिघलने से रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते लगभग 12 भेड़पालकों की 3000 से अधिक भेड़-बकरियां फंस गई हैं। यह घटना पशुपालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है, जो अपनी भेड़-बकरियों को चराने के लिए भरमौर से लाहौल स्पीति की ओर जा रहे थे।

भेड़पालक पहले से ही मौसम की अनिश्चितता के कारण जोत पार करने में कठिनाई का सामना कर रहे थे। अब ग्लेशियर पिघलने से रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाने के कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

भरमौर की सचूई पंचायत के राम दास और ग्रीमा पंचायत के जिगरी राम ने बताया कि जिस जगह रास्ता खराब हुआ है, वहां ग्लेशियर पिघलने से भूमि खिसक गई है और रास्ता काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ भेड़-बकरियां किसी तरह ऊपर चढ़ने में सफल रहीं, लेकिन अधिकांश फंसी हुई हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कुछ पशुधन एक किनारे पर और बाकी दूसरे किनारे पर फंसे हुए हैं।

इस अप्रत्याशित संकट ने भेड़पालकों के लिए खाने-पीने की समस्या भी खड़ी कर दी है। जो भेड़पालक अपनी कुछ भेड़-बकरियों के साथ आगे निकल गए हैं, उनके पास राशन है, जबकि खाना बनाने के बर्तन पीछे फंसे भेड़पालकों के पास हैं। नतीजतन, न तो आगे वाले वापस लौट सकते हैं और न ही पीछे वाले आगे बढ़ पा रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी विकट हो गई है।

गौरतलब है कि हर साल गर्मियों में भरमौर के भेड़पालक कुगती, कालीछो बन्नी और चोबिया पास से होकर लाहौल स्पीति और पांगी के चारागाहों में अपनी भेड़-बकरियों को चराने जाते हैं। लगभग दो महीने तक वहां रहने के बाद वे इसी रास्ते से निचले क्षेत्रों में वापस पलायन करते हैं।

रास्ता बंद होने से परेशान भेड़पालकों ने भरमौर दौरे पर आए वूल फैडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर के सामने अपनी समस्या रखी और जल्द से जल्द रास्ता बनाने की मांग की। मनोज ठाकुर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही उपायुक्त मुकेश रेप्स्वाल और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भरमौर कुलबीर राणा से इस संबंध में चर्चा करेंगे और समस्या का समाधान करेंगे। उन्होंने मौके पर एक टीम भेजने के भी आदेश दिए हैं।

वहीं, भेड़पालकों की समस्या को देखते हुए भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने भरमौर प्रशासन से कहा है कि यदि रास्ता बनाने के लिए धन की कमी है, तो वे अपनी विधायक निधि से राशि उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए रास्ते को बनाने और भेड़पालकों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए हैं।

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