राज कुहल की सालों से नहीं हुई है सफाई, लोगों ने राज कुहल में छोड़ रखा है घरों का सीवरेज का गंदा पानी, सीवरेज के गंदा पानी कुहल में जमा होने के कारण फ़ैल रही हैं गंभीर बीमारियां, ग्रामीण और किसानों ने सरकार और प्रशासन से लगाई राज कुहल की सफाई करवाने की मांग, एसडीएम नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल ने कहा आईपीएच को निर्देश दे दिए गए हैं जल्द समस्या का होगा समाधान ग्रामीण रहे चिंता मुक्त।
नालागढ़ – रजनीश ठाकुर
उप मंडल नालागढ़ के तहत राजाओं के समय से किशनपुर सरसा नदी से राजपुरा तक किसानों की सैकड़ो बीघा जमीन को सिंचाई करवाने के लिए राजकुहल का निर्माण करवाया गया था। जिससे किसान अपने खेतों को पानी लगाकर अपनी फसलें उगाया करते थे लेकिन अब यह राजकुहल मात्र नाम की ही राज कुहल रह गई है।
इस राजकुहल ने अब सीवरेज के गंदे नाले का रूप धारण कर रखा है और राजकुहल पर जहां लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। वहीं क्षेत्र में ज्यादातर लोगों ने इस राज कुहल में अपने घरों का सीवरेज का गंदा पानी छोड़ रखा है और यह राज कुहल सीवरेज का गंदा नाला बनकर रह गई है।
जिसके चलते इस राजकुहल में हर समय सीवरेज का गंदा पानी खड़ा रहता है और जिसके कारण क्षेत्र में लोगों को गंभीर बीमारियां भी फैल रही है और लोग इन बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
इस बारे में जब हमने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि राजाओं के समय से सरसा नदी से लेकर राजपुरा तक इस राजकुहल का निर्माण किसानों को सिंचाई के लिए करवाया गया था। जिसका फायदा किसान लेते आ रहे थे लेकिन जब से क्षेत्र में ओद्योगिकरण हुआ है तब से लेकर इस राजकहल का रूप अब गंदे नाले ने धारण कर रखा है और लोगों ने भी घरों का गंदा पानी इस राजकुहल में छोड़ रखा है।
लोगों का कहना है कि वह कई सालों से लगातार राजकुहल की सफाई एवं उसकी देखरेख को लेकर सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं लेकिन न तो सरकार इसकी ओर ध्यान दे रही और ना ही स्थानीय संबंधित विभाग इसकी और कोई ध्यान दे रहा है।
एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही राज कुहल की सफाई नहीं करवाई गई और लोगों का गंदा सीवरेज का पानी इसमें डालना बंद ना करवाया गया तो सभी ग्रामीण एकत्रित होकर उग्र आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
क्या बोले नालागढ़ एसडीएम दिव्यांशु सिंगल
वही एसडीम नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल से जब इस बारे बात हुई तो उन्होंने कहा कि राजकुलह का जो मामला है आपके जरिए मेरे ध्यान में आया है। उन्होंने बताया की आईपीएच विभाग को मामला भेज दिया गया है और निर्देश दे दिए गए हैं ताकि जल्द से जल्द ग्रामीणों की समस्या का हल हों।

