कांग्रेस कार्यालय रैत में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

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रैत, नितिश पठानियां 

अतुलनीय भारत आज अपना 75 वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इसी के तहत ब्लॉक् कांग्रेस कमेटी शाहपुर ने कांग्रेस नेता प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया के नेतृव में शाहपुर कांग्रेस सेवादल, चंबी फुटवाल के नोजवानो ,महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एस०टी०सेल , एस०सी०सेल, ओबीसी सेल, पंचायती राज सगठनों के जिलापरिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, एव स्थानीय जनता के साथ मनाया।

स्थानीय कांग्रेस नेता केवल सिंह पठानिया सहित ब्लॉक् कांग्रेस कमेटी शाहपुर के महान निर्णय से इस पावन अबसर पर कांग्रेस भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ मेजर कुलदीप सिंह बलोरिया, ऑर्नारी कैप्टन निर्मल सिंह,ऑर्नारी कैप्टन रविन्द्र सिंह,ऑर्नारी कैप्टन बेली राम, सूबेदार मेजर बलदेव सिंह, सूबेदार जगरूप बलोरिया,सूबेदार सुरिन्दर बलोरिया,ऑर्नारी कैप्टन मदन शर्मा ,सूबेदार मेजर प्रीतम सिंह,सूबेदार मेजर पवन सिंह जम्वाल,सुबेदार कर्म चन्द,सूबेदार हरनाम सिंह,नायक हरनाम सिंह, भूत पूर्व सैनिक कमल कटोच,कैप्टन होशियार सिंह,ऑर्नारी कैप्टन निर्मल सिंह,भूत पूर्व सैनिक कश्मीर सिंह,सहित भूतपूर्व लीग के सभी सेनिको ने शाहपुर के कांग्रेस कार्यलय रैत में 75वे स्वतंत्रता दिवस के पावन अबसर पर झंडा पहराया।

इस पावन दिवस पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया ने स्वत्रंत्रता दिवस पर प्रदेश बासियो सहित शाहपुर बासियों को मुबारकबाद दी और संदेश दिया कि आज के दिन उन सब महान लोगों को नमन करता हूँ जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए किसी भी रूप में अपना योगदान दिया था। जिनके कारण हम गर्व से आज का ये दिन मना पा रहे हैं ।हमारा भारत , प्रगति पथ पर आगे बढ़ता रहे, सब देशवासी खुशहाल हों, स्वस्थ हों संपन्न हो यह कामना करता हूँ।

पठानिया ने कहा कि सभी मनुष्यों का जन्मसिद्ध अधिकार है आजादी, करीब दो सौ सालों की गुलामी के बाद साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो उसमें कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान की आहुति दी। इसके बाद से हर साल 15 अगस्त को भारत की स्वतंत्रता की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हम अपने राष्ट्र गौरव तिरंगे को सम्मान देते हैं, साथ ही उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करते हैं जिनकी वजह से भारत को आजादी मिली थी।

15 अगस्त 1947, स्वतंत्रता की प्राप्ति के बाद जवाहर लाल नेहरु भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने जिन्होंने दिल्ली के लाल किले पर भारतीय झंडा फहराने के बाद भारतीयों को संबोधित किया। इसी प्रथा को आने वाले दूसरे प्रधानमंत्रियों ने भी आगे बढ़ाया जिसमें झंडारोहण, परेड, तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि हर साल इसी दिन आयोजित होते हैं। कई लोग इस पर्व को अपने वस्त्रों पर, घर तथा वाहनों पर झंडा लगा कर मनाते हैं।

15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को अपने भाषण “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी”, के साथ पंडित जवाहर लाल नेहरु ने भारत की आजादी की घोषणा की। साथ ही उन्होंने अपने भाषण में कहा कि, वर्षों की गुलामी के बाद ये वो समय है जब हम अपना संकल्प निभाएंगे और अपने दुर्भाग्य का अंत करेंगे।

भारत एक ऐसा देश है जहां करोड़ों लोग विभिन्न धर्म, परंपरा, और संस्कृति के एक साथ रहते है और स्वतंत्रता दिवस के इस उत्सव को पूरी खुशी के साथ मनाते हैं। इस दिन, भारतीय होने के नाते, हमें गर्व करना चाहिये और ये वादा करना चाहिये कि हम किसी भी प्रकार के आक्रमण या अपमान से अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये सदा देशभक्ति से पूर्णं और ईंमानदार रहेंगे।

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