
टैक्सी आपरेटर एसोसिएशन के संस्थापक गुलशन कुमार प्रधान ओमी मेहरा व मुख्य सलाहकार राम रत्न शर्मा ने बताया कि पिछले दो सालों से हम टैक्सी ऑपरेटर भुखमरी के कगार पर हैं। करीब दो साल से उनकी टैक्सियां कोरोना महामारी के कारण खड़ी हैं।
काँगड़ा- राजीव जस्वाल
जिला टैक्सी आपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने आज जिलाधीश कांगड़ा के माध्यम से प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। टैक्सी आपरेटर एसोसिएशन के संस्थापक गुलशन कुमार, प्रधान ओमी मेहरा व मुख्य सलाहकार राम रत्न शर्मा ने बताया कि पिछले दो सालों से हम टैक्सी ऑपरेटर भूखमरी के कगार पर हैं। करीब दो साल से उनकी टैक्सियां कोरोना महामारी के कारण खड़ी हैं।
परमिट की दो साल की अवधि थी उसमें हम कोई कार्य नहीं कर पाए। बैंकों की किस्ते भर नहीं पाए बैंकों की तरफ से अतिरिक्त ब्याज की वजह से हम सब ऑपरेटर वर्ग डिफाल्टर की लाइन में आ गए हैं। बैंक परिवारों को वह उन्हें परेशान कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण बैंक हिमाचल प्रदेश के को आपरेटिव बैंक हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा सेंट्रल को आपरेटिव बैंक नित्य प्रतिदिन टैक्सी आपरेटरों व अन्य आपरेटरों को परेशान कर रहे हैं।
उन्होंने उपायुक्त को बताया कि टैक्सियों का काम सुचारू रूप से नहीं चल रहा है। अभी भगवान न करे तीसरी लहर अगर आ गई तो इसके परिणाम उनके लिए और भी भयंकर होंगे। करोना काल में टैक्सी आपरेटरों की गाड़ियां कोरोना वारियर कार्य के रूप में कार्य करती रही। जहां पर हमारी गाड़ियों ने स्वास्थ्य विभाग में कार्य किया है। उन्हें आज तक पेमेंट नहीं मिली है। हमारी समस्याएं हैं जिनकी अनदेखी की जा रही है।
यह हैं मुख्य मांगे
प्राइवेट गाड़ियां जो टैक्सी के रूप में प्रयोग हो रही हैं। वह हमारे टैक्सी व्यवसाय को चौपट कर रही है उन्हें तुरंत प्रभाव से अंकुश लगाया जाए जो गाड़ी प्राइवेट टैक्सी पाई जाती है। उसकी आरसी तुरंत प्रभाव से रद की जाए। दो साल का टोकन और पैसेंजर टैक्स माफ किया जाए। कोरोना काल की बजह से जो दो साल हमारी परमिट की अवधि खत्म हुई उसे यथावत दो साल के लिए बहाल किया जाए। बड़े हुए नेशनल परमिट की राशि 2550 और 75000 उसे यथावत स्थिति में बहाल करके एक कैटागिरी में तुरंत घोषणा की जाए।
अभी कुछ दिन पहले सरकार द्वारा बढ़ाई गई चालानों की राशि जो लागू कर दी गई है उसे रद किया जाए। टैक्सी आपरेटर और ड्राइवरों को 500000 तक का सस्ता ऋण दिया जाए व आपरेटर और ड्राइवर आयोग का गठन किया जाए। आपरेटर और ड्राइवरों के साथ हो रही नित्य प्रति अप्रिय घटनाओं के मध्य नजर एक हेल्पलाइन नंबर सरकार द्वारा जारी किया जाए। अनाधिकृत रूप से किराये पर चली हुई मोटरसाइकिल और स्कूटी को जब तक सरकार द्वारा उन्हें पीली प्लेट जारी नहीं होती उन्हें तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
