हिमखबर डेस्क
जिला कांगड़ा के अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में कुत्तों में खतरनाक पार्वो वायरस फैल चुका है जिस कारण अधिकतर कुत्ते इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं।
पालतु कुत्तों का इलाज तो मालिक खुद करवा ले रहे हैं, मगर सवाल यह है कि लावारिस कुत्तों को इस खतरनाक वायरसय से कौन बचाएगा।
विभाग के पास इस वायरस से बचाने के लिए सरकार की तरफ से न तो दवाइयां आती हैं और न ही संबंधित विभाग के पास इस खतरनाक वायरस से बचाव की कोई योजना है। अगर आप कुत्ता पालने के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाइए।
इन दिनों कुत्तों में पार्वो वायरस नाम की संक्रमित बीमारी फैल रही है, जो समय पर इलाज न मिलने की वजह से बेजुवान कुत्तों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
बीमारी के फैलने के पीछे कारण मौसम में हो रहे बदलाव को बताया जा रहा है। जिला के पशु चिकित्सालय में प्रतिदिन 100 से 125 कुत्तों का उपचार हो रहा है।
पशु चिकित्सकों का कहना है कि इस समय पार्वो वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी में कुत्ते पानी बहुत पीते हैं, कुत्ते के मुंह से झाग निकलना और बदबूदार दस्त करना, इस बीमारी की पहचान है। बीमारी का उपचार समय पर नहीं हुआ तो यह जानलेवा हो सकता है।
वैक्सीन बाजार में उपलब्ध
वैक्सीनेशन इस बीमारी से बचने का सबसे कारगर उपाय है। क्षेत्र के पशु औषधि योजक एवं पशुपालन सहायक हितेन धीमान ने बताया कि यह बीमारी जो छोटे डॉग यानी पपीज होते हैं, उनमें डेढ़-दो महीने से फैलने लगती है। अभी पूरे क्षेत्र में कुत्तों में यह बीमारी फैली हुई है।
यह बीमारी वैसे तो पहले भी इसी मौसम में होती रही है, लेकिन इस बार मौसम की जो कंडीशन है, वह हर किसी वायरस के लिए फेवरेबल कंडीशन है। चाहे पार्वो वायरस हो या जानवरों में फैलने वाला कोई अन्य वायरस।
इसके कुछ लक्षण होते हैं, जिससे बीमारी की पहचान की जा सकती है। इसमें उल्टी दस्त से शुरुआत होती है। कुत्ते बहुत ज्यादा पानी पीते हैं, पानी पीने के साथ-साथ यह ठंड में बैठे रहते हैं, छींकते हैं और मुंह से झाग निकलाते हैं, इतना ही नहीं कभी-कभी बदबूदार दस्त भी आते हैं।