कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट के लिए दोनों चरणों की भू-अधिग्रहण रिपोर्ट तलब, 3500 करोड़ की दरकार

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मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांगड़ा एयरपोर्ट को ब्राउनफील्ड के रूप में विकसित करने का लिया फैसला, डीसी कांगड़ा ने फेज वन की रिपोर्ट सोशल इंपैक्ट असेसमेंट को भेजी थी, प्रधान सचिव पर्यटन ने अब दोनों चरणों की रिपोर्ट एक साथ मांगी, भूमि अधिग्रहण लागत पर लेना होगा फैसला 

शिमला – नितिश पठानियां

राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट को ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इस फार्मूले के तहत भूमि अधिग्रहण की लागत राज्य सरकार को लेनी होगी, जबकि एयरपोर्ट बनाने की लागत एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया वहन करेगा।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान धर्मशाला पहुंचे मुख्यमंत्री ने वहां अफसरों को इस एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को विस्तार देने के निर्देश दिए थे। हालांकि यह मामला पिछले कई वर्षों से उलझा हुआ है।

गौरतलब है कि कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट में भी एयरस्ट्रिप छोटी है और लोड पेनल्टी के साथ 90 सीटर विमान ही यहां उतर पाता है। जैसे-जैसे दिन बढ़ता जाता है, यहां हवाई सेवाएं कम हो जाती हैं, क्योंकि हवा गर्म होने के बाद लोड पेनल्टी का असर भी ज्यादा है।

यही वजह है कि गगल एयरपोर्ट पर ज्यादातर हवाई सेवाएं सुबह ही हैं। इस हवाई पट्टी को 1376 मीटर से 3100 मीटर तक ले जाना है। पहले फेज में इस हवाई पट्टी की लंबाई 1900 मीटर होगी और दूसरे फेज में 3100 मीटर। इसके कारण पूरा गगल बाजार भी एयरपोर्ट के दायरे में लेना पड़ेगा।

हालांकि सबसे बड़ी अड़चन मांझी खड्ड के कारण है। कांगड़ा जिला प्रशासन ने इससे पहले सीडब्ल्यूपीआरएस को यह मसला स्टडी करने के लिए दिया था।

रिपोर्ट यह आई है कि मांझी खड्ड पर पुल बनाकर हवाई पट्टी को लंबा किया जा सकता है, लेकिन इस पूरे काम में भू-अधिग्रहण की लागत के साथ-साथ मांझी खड्ड पर बनने वाले पुल तथा चैनलाइजेशन का खर्चा राज्य सरकार को वहन करना होगा।

यह लागत करीब 3500 करोड़ की है। भूमि अधिग्रहण के फेज वन में 1000 करोड़ और फेज-टू में 2500 करोड़ का खर्चा संभावित है। मुख्यमंत्री से मिलने वाले निर्देश के बाद डीसी कांगड़ा ने फेज वन की रिपोर्ट भेज दी थी, ताकि इसके लिए सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट की स्टडी शुरू की जा सके।

पर्यटन विभाग ने इसे राज्य सरकार को भेज दिया था, लेकिन अब सरकार ने इस बारे में रणनीति बदली है। जिला प्रशासन को कहा गया है कि दोनों चरणों के भूमि अधिग्रहण की रिपोर्ट पहले बना ली जाए और उसके बाद सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट होगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि लागत पर राज्य सरकार क्या फैसला लेगी?

कांगड़ा में पर्यटन विस्तार चाहते हैं सीएम

प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांगड़ा में पर्यटन को नई गति देना चाहते हैं, इसीलिए उनके निर्देश हैं कि गगल एयरपोर्ट को ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट के तौर पर विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि गगल एयरपोर्ट पर बड़ा विमान उतरने लायक व्यवस्था बनाई जाए, लेकिन यह मामला बहुत समय से लंबित पड़ा हुआ था। अब कुछ हरकत हुई है और जिला प्रशासन से आए फीडबैक के अनुसार लोग भी भूमि अधिग्रहण के लिए सहमत हैं।

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