हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश की शांत और सुकून भरी वादियों से निकलकर देश के सबसे चुनौतीपूर्ण राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता। लेकिन जब पुलिस की वर्दी पहनने की प्रेरणा किसी किताब या फिल्म से नहीं, बल्कि अपने ही पिता से मिले, तो वह सिर्फ एक नौकरी नहीं रहती, बल्कि एक जिम्मेदारी बन जाती है।
जिम्मेदारी उस विरासत को आगे बढ़ाने की, जिसे पिता ने अपने पसीने, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से खड़ा किया हो और जिम्मेदारी उस वर्दी के सम्मान को हर हाल में बनाए रखने की।
ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है वर्ष 2019 बैच के युवा और तेजतर्रार IPS अधिकारी अभिनव धीमान की। जो वर्तमान में बिहार के नवादा जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी दमदार सेवाएं दे रहे हैं।
कांगड़ा जिला के कयारा गांव में पले-बढ़े अभिनव धीमान ने अपनी शुरुआती पढ़ाई शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) से इंजीनियरिंग पूरी की।
पढ़ाई के बाद उनके पास एक अच्छा करियर विकल्प मौजूद था, लेकिन उनके मन में बचपन से ही पुलिस अधिकारी बनने का सपना था। यह सपना उन्हें अपने पिता से मिला, जिन्होंने पुलिस विभाग में ईमानदारी और समर्पण के साथ लंबी सेवा दी।
उनके पिता अनंत कुमार धीमान वर्ष 1982 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए और 1996 में प्रमोट एचपीएस (HPS) अधिकारी बने। उन्होंने एएसपी शिमला जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं और बाद में पीटीसी डरोह (PTC Daroh) से एसपी पद से सेवानिवृत्त हुए।
अपने करियर के दौरान उन्हें 2011 में प्रेजिडेंट मेडल (President Medal) और 2001 व 2005 में यूनाइटेड नेशंस मेडल (United Nations Medal) से सम्मानित किया गया। पिता की वर्दी और उनका अनुशासन ही अभिनव के जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बना।
इंजीनियरिंग के बाद अभिनव ने गुड़गांव में एक निजी कंपनी में डेटा साइंटिस्ट के रूप में काम किया, लेकिन उनका लक्ष्य स्पष्ट था। उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की और वर्ष 2018 में यूपीएससी (UPSC) परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक (AIR 585) हासिल की। इसके साथ ही उनका आईपीएस बनने का सपना पूरा हो गया।
हर हिमाचली की तरह उनका सपना अपने राज्य में सेवा करने का था, लेकिन उन्हें बिहार कैडर मिला। बिहार जैसे राज्य में पुलिसिंग की चुनौतियां काफी कठिन मानी जाती हैं, लेकिन अभिनव ने इसे एक अवसर के रूप में लिया। वर्ष 2021 में उन्होंने पूर्णिया में एएसपी के रूप में अपनी सेवा शुरू की और अपने काम से जल्द ही पहचान बना ली।
पटना में तैनाती के दौरान उन्होंने कई गंभीर मामलों को संभाला। वर्ष 2024 में महादलित बस्ती में आगजनी की घटना के समय उन्होंने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
चुनाव ड्यूटी के दौरान भी उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ काम किया। साइबर क्राइम के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान उनकी कार्यशैली को दर्शाते हैं।
वर्तमान में नवादा जिले के एसपी के रूप में कार्यरत अभिनव धीमान अपनी तेज निर्णय क्षमता और संतुलित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वे सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन बनाकर कानून व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो वर्ष 2023 में उनका विवाह डॉ. सुमिद्रा से हुआ, जो मुंबई की रहने वाली हैं। उनकी माता सुमन लता एक गृहिणी हैं, जिन्होंने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके बड़े भाई मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर हैं।
1993 में जन्मे अभिनव धीमान ने एमबीएम न्यूज़ नेटवर्क से बातचीत में बताया शुरुआत में हिमाचल जैसे शांत वातावरण से आकर बिहार जैसे राज्य में काम करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति को स्वीकार किया और खुद को ढाल लिया। उनका कहना है कि मेहनत और ईमानदारी से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
आज आईपीएस अभिनव धीमान युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना दूर नहीं होता।

