कर्तव्य निष्ठा के लिए प्रेरणा स्रोत है राम सिंह : एसडीएम कांगड़ा, 29 साल कांगड़ा कार्यालय में सेवा करने उपरांत हुए सेवानिवृत्त।
31 मार्च, कांगड़ा – राजीव जसवाल
संयुक्त कार्यालय भवन कांगड़ा में कार्यरत राम सिंह अपने 29 वर्ष के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत हुए। संयुक्त कार्यालय भवन कांगड़ा के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा राम सिंह की सेवा निवृत्ति की उपलक्ष्य पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। राम सिंह के साथ उनकी धर्मपत्नी रुक्मिणी देवी और माता महेश्वरी देवी सहित परिवारजन भी मौजूद रहे।
एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने सेवानिवृत्ति कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राम सिंह को शॉल टोपी पहनाकर सम्मानित किया। समस्त विभागों के अधिकारीयों और कर्मचारीयों ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
संबोधन के दौरान उनके साथ लंबे समय तक कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा राम सिंह अपनी कार्य कर्तव्य निष्ठा के लिए हम सभी के समक्ष हमेशा उदाहरण रखते रहे हैं। उन्होंने 29 वर्ष तक अपनी निरंतर सेवाएं इसी कार्यालय में दिए हैं।
उन्होंने कहा बहुत से अधिकारी और कर्मचारी उनसे यहां बहुत कुछ सीख कर अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ गए। उनके कार्य की वफादारी और कर्तव्य निष्ठा के कई किस्से मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताएं जिनमें से अनिल कुमार, अजय कुमार, सुमंजना, सुनील राणा, सहित अन्य कर्मचारियों ने अपने वक्तव्य रखे।
अनिल कुमार ने बताया राम सिंह ने कई उप मंडल अधिकारियों के साथ कार्य किया और आज भी सभी उपमंडल अधिकारी उनके कार्य निष्ठा की अन्य कर्मचारियों के समक्ष मिसाल रखते हैं। वह सुबह सबसे पहले कार्यालय पहुंचकर शाम सबको भेजने के बाद कार्यालय से जाते रहे।
एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने कार्यक्रम के मुख्यअतिथि राम सिंह और उनके परिवार को सेवानिवृत्ति और आगे के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा राम सिंह जैसा कर्मचारी जिस किसी भी कार्यालय में हो उससे कार्यालय में कार्य करने की गति दुगनी हो जाती है उन्होंने बताया राम सिंह सेल्स डिपार्टमेंट में कार्यरत रहे।
इस डिपार्टमेंट में कार्य करना अधिक जटिल है क्योंकि इस डिपार्टमेंट के अंतर्गत आजादी के साथ बंटवारे के समय के जमीनी कागजात से संबंधित कार्य किया जाते हैं। ऐसे में राम सिंह जैसे कर्मचारी का सहयोग हम अधिकारियों के लिए बहुमूल्य हो जाता है। जिससे हम उस कार्य को जल्दी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा राम सिंह जैसे कर्मचारी मिलने से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है मैंने भी इनसे बहुत कुछ सीखा इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राम सिंह ने अपने कार्य के बारे में बात करते हुए बताया उन्होंने 10 साल शिमला में फॉरेस्ट विभाग के अंतर्गत लगाए उसके उपरांत उन्होंने वर्ष 1997 में इस कार्यालय को ज्वाइन किया उसके उपरांत उन्होंने अपनी निरंतर 30 साल तक सेवाएं कांगड़ा में ही दीं। मूल रूप से वह जिला मंडी के जोगेंद्रनगर तहसील के डोल गांव के निवासी हैं।

