
शिमला- व्युरो
करुणामूलक नौकरी के लिए तरस रहे वन निगम के आश्रित, 2005 से 2020 तक 147 केस पेंडिंग,वन निगम करुणामूलक अध्यक्ष दिनेश कुमार और उनके साथी प्रवीण कुमार, चेतन, धर्मपाल, चिरंजीत ,जितेश ,महेंद्र ,दीप कुमार का कहना है कि हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम में करुणामूलक आधार पर लगभग 147 से ज्यादा केस लंबित पड़े हैं, इन्हें ना तो पेंशन का प्रावधान है और ना किसी प्रकार की सहायता और यही नहीं यह सभी करुणामूलक की न्यू पॉलिसी के दायरे में आते हैं|
नौकरी ना मिलने की वजह यह भी है कि पिछले 28 सालों से वन निगम में किसी तरह की कोई भर्ती नहीं हुई है, कई आश्रितों की नौकरी का इंतजार करते करते ही उम्र बीत चुकी है, वन निगम में हजारों पद खाली है पर उन्हें भरा नहीं जा रहा, वन निगम के करुणामूलक आश्रित सभी उच्च अधिकारियों से नौकरी की मांग करते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि उनके पास कोई भी खाली पद नहीं है, और सरकार से भी सिर्फ झूठे आश्वासन ही मिलते हैं, हमारी जयराम सरकार से यही मांग है कि हम सभी करुणामूलक आश्रित को वन टाइम सेटेलमेंट के आधार पर नौकरी दी जाए,
यदि वन निगम में किसी भी तरह के पद खाली नहीं है तो हमें दूसरे विभागों में नौकरी देने की कृपा करें|
