सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन से किया ऐलान, बॉर्डर एरिया में पांच किलोमीटर के दायरे में आने वालों के बनेंगे पास।
हिमखबर डेस्क
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंट्री टैक्स को रेशनलाईज किया जाएगा।
वहीं बॉर्डर एरिया में पांच किलोमीटर के दायरे में आने वालों को छूट देने के लिए पास देने का फैसला कैबिनेट ने लिया है। उन्होंने कहा कि एंट्री फीस बढ़ाई नहीं गई है। एंट्री टैक्स को एनएचएआई के फास्टैग के साथ अटैच किया गया है।
फास्टैग से जुडऩे के कारण लोगों को थोड़ी वृद्धि का आभास हो सकता है, लेकिन वास्तव में छोटे वाहनों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों को छूट दी जाएगी और इसके लिए पास जारी करने का फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा।
दरअसल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रश्नकाल के बाद प्वाइंट ऑफ एक्शन लाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने जो एंट्री टैक्स लगाया है, उसकी वजह से दूसरे राज्यों के साथ कनफ्लिक्ट हो गया है। इसके कारण बॉर्डर एरिया में हिमाचल के लोग प्रभावित हो रहे है।
उन्होंने कहा कि जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे है और लोग भी नाराजगी जाहिर कर रहे है। वहीं हिमाचल प्रदेश में टैक्सी यूनियन और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग भी नाराज है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पंजाब सरकार के साथ बैठ बातचीत कर इसका समाधान किया जाए।
वहीं विधायक रणधीर शर्मा ने भी इस दौरान सवाल उठाया। ठेकेदारों ने एंट्री टैक्स बढ़ोतरी को लेकर टोल बैरियर पर स्टाफ नियुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर रात से बॉर्डर सील करने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि बॉर्डर एरिया में एनएचएआई के टोल बैरियर के साथ हिमाचल के बैरियर भी है। उन्होंने आशंका जताई कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद समस्याएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की तैनाती शुरू कर दी है।
एंट्री टैक्स कानून व्यवस्था न बिगाड़े, गंभीरता दिखाए सरकार
सदन से बाहर पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एंट्री टैक्स को लेकर बढ़ रहे विवाद और बवाल पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। खासतौर पर बॉर्डर एरिया में हिमाचल और अन्य प्रदेशों के लोग विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने हालात और बिगडऩे की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे लिए गए फैसलों के कारण ही ऐसी स्थिति बनी है, इसलिए मुख्यमंत्री को पूरे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसका सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।

