हिमखबर डेस्क
चैत्र नवरात्रि पर्व में अष्टमी और नवमी को लेकर लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति है। इस बार अष्टमी व नवमी एक ही दिन पड़ रही है।
शाहपुर के ज्योतिषी आचार्य पंडित अमित कुमार शर्मा ने बताया कि अष्टमी और नवमी तिथि पर विशेष रूप से कन्या पूजन किया जाता है, जिसे देवी की साक्षात उपासना का रूप माना गया है।
मान्यता है कि छोटी कन्याओं में मां दुर्गा का वास होता है, इसलिए उनका पूजन कर भक्त अपने व्रत को पूर्णता प्रदान करते हैं और देवी की कृपा प्राप्त करते हैं।
ज्योतिषी आचार्य पंडित अमित कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर हो रही है, जबकि समापन 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर माना जा रहा है।
वहीं पंचांग के मुताबिक, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर होगा।
भगवान राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। रामनवमी का पर्व 26 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इसी कारण इस बार अष्टमी व नवमी की पूजा एक ही दिन होगी।

