शिमला – नितिश पठानियां
इंदौरा से कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया है कि राज्य सरकार ने हिम केयर योजना में कुछ बदलाव किए हैं।
आयुष्मान योजना में कोई बदलाव नहीं है, क्योंकि यह केंद्र सरकार की स्कीम है। हिम केयर योजना के तहत लाभार्थियों को वर्ष में 4 महीने मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में ही वर्तमान दर पर कार्ड बनाने की सुविधा अब दी गई है।
इसके अतिरिक्त यदि किसी व्यक्ति का इन चार महीने में कार्ड नहीं बना है और वह पात्र है, तो आपातकालीन स्थिति में आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्रधानाचार्य या चिकित्सा अधीक्षक और जिला अस्पतालों या जोनल अस्पतालों में चिकित्सा अधीक्षक यह कार्ड बना सकते हैं।
एक साल में इन्हें 100 पात्र व्यक्तियों के कार्ड बनाने का कोटा दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
इस वक्त प्रदेश में 92 सिविल अस्पताल, 108 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 586 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 25 ईएसआई डिस्पेंसरी और 2116 उप स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं।
इसके अलावा एक राज्य मातृ एवं शिशु केयर अस्पताल, एक मानसिक रोग अस्पताल, तीन कुष्ठ रोग अस्पताल, दो क्षय रोग अस्पताल के अलावा 6 मेडिकल कॉलेज, एक एम्स संस्थान, एक अटल इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी और 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान चल रहे हैं।
सरकारी क्षेत्र में एक डेंटल कॉलेज भी प्रदेश में है। स्वास्थ्य सेवाओं को ठीक रखने के लिए विभिन्न श्रेणियां के 499 नए पद सृजित किए गए हैं, जबकि अब तक 475 कर्मचारियों को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं।
जहां तक इंदौरा के गंगथ और इंदौरा अस्पतालों की बात है तो गंगथ सिविल अस्पताल में पांच डॉक्टरों की स्वीकृत संख्या है जिनमें से तीन खाली हैं, जबकि इंदौरा में कुल 10 पदों में से चार मेडिकल अफसर के पद खाली हैं। इन पदों को भर जाना एक निरंतर प्रक्रिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में दो मोबाइल मेडिकल यूनिट्स जिला हमीरपुर में प्रयास समिति चला रही है जबकि 10 मोबाइल मेडिकल यूनिट कुल्लू कांगड़ा मंडी सिरमौर चंबा और सोलन में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन चल रहे हैं।