एटीएस अनिवार्यता पर पुनर्विचार: पहाड़ी चुनौतियों के चलते मैनुअल फिटनेस टेस्ट की मांग

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एटीएस अनिवार्य, मैनुअल फिटनेस टेस्ट को लेकर मंत्रालय से मांगी है अनुमति, राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के मंत्रालय के समक्ष उठाया मामला, पहाड़ी राज्य की व्यावहारिक कठिनाइयों को दिया हवाला

हिमखबर डेस्क

भारत सरकार ने वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग (जांच) अब विशेष रूप से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) के माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है इस बाबत राज्य सरकार ने भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष कांगड़ा जिले में आरटीओ तथा एमवीआई के माध्यम से भी कमर्शियल वाहनों का मैनुअल फिटनेस टेस्ट सुविधा जारी रखने की अनुमति मांगी तथा व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने पत्र संख्या टीपीटी-एफ(5)-14-2022 के माध्यम से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया है कि इस निर्णय को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए। ताकि जनहित में सेवाओं का सुचारू हस्तांतरण और निर्बाध वितरण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य सरकार का यह अनुरोध भारत सरकार के विचाराधीन है।

उल्लेखनीय है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 14.03.2026 के माध्यम से यह निर्देश जारी किया है कि 01 अप्रैल, 2026 से, जिला कांगड़ा स्थित सभी 14 पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरणों तथा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में वाहनों की मैनुअल फिटनेस टेस्टिंग और फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रणाली को पूरी तरह से बंद किया जाए। भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या जीएसआर 652( ई) दिनांक 23.09.2021 और उसके बाद के संशोधनों के अनुसार, वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग (जांच) अब विशेष रूप से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) के माध्यम से करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे इसमें मानवीय हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त हो जाएग।

इन निर्देशों के अनुपालन में, राज्य में कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, सोलन और नालागढ़ में निजी निवेश के माध्यम से, तथा सरकारी क्षेत्र में हरोली (ऊना), नादौन (हमीरपुर) और बद्दी (सोलन) में एटीएस स्थापित स्थापित किए जा रहे हैं जबकि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 81 में फिटनेस सेवाओं के लिए विस्तृत शुल्क संरचना निर्धारित की गई है। वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग का शुल्क ₹400 से लेकर ₹1500 तक है, जो वाहन की आयु पर निर्भर करता है इसके अतिरिक्त इस पर लागू 18 प्रतिशत जीएसटी और राज्य शुल्क भी देय होंगे।

प्रमाणन (फिटनेस) शुल्क को आयु-आधारित श्रेणियों में संरचित किया गया है जो मोटरसाइकिलों के लिए ₹200 से ₹2000 तक, हल्के मोटर वाहनों के लिए ₹200 से ₹15,000 तक, और 20 वर्ष से अधिक पुराने मध्यम तथा भारी वाहनों के लिए ₹25,000 तक निर्धारित है। ये संशोधित शुल्क 11 नवंबर, 2025 से प्रभावी हो गए हैं। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया है ये शुल्क वाहनों की मैनुअल टेस्टिंग और एटीएस के माध्यम से की जाने वाली टेस्टिंग, दोनों पर समान रूप से लागू होंगे।

जिला कांगड़ा के रानी ताल स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है और 10 अप्रैल, 2026 तक, इस सुविधा केंद्र पर कुल 1,111 कमर्शियल वाहनों का फिटनेस टेस्ट किया जा चुका है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, यह अनिवार्य है कि जिन जिलों में (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) सुविधाएँ चालू हैं, वहाँ वाहनों का फिटनेस टेस्ट केवल एटीएस के माध्यम से ही किया जाएगा।

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