
शिमला, जसपाल ठाकुर
लगातार 2 दिन तक चली विधायक मैराथन बैठकों में 68 में से 57 विधायकों ने अपनी प्राथमिकताओं के साथ समस्याओं को गिनवाया। इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की तरफ से लिखित में सुझाव उपलब्ध करवाए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायक प्राथमिकता बैठक के चौथे एवं अंतिम सत्र में कहा कि सरकार विकास कार्यों की आधारशिलाओं और लोकार्पण पट्टिकाओं को नुक्सान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने जिलाधीशों को निर्देश दिए कि जिन पट्टिकाओं को नुक्सान पहुंचाया गया है, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष में 1 बार योजना बैठक का आयोजन जिला स्तर पर भी किया जाएगा, ताकि निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी विकासात्मक आवश्यकताओं को सरकार के समक्ष रख सके। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान 2,033 करोड़ रुपए लागत की 433 विधायक प्राथमिकता योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जबकि वर्तमान सरकार की 3 वर्ष की अवधि में 2,382 करोड़ रुपए की 639 विधायक प्राथमिकता योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
इसी प्रकार पूर्व सरकार के पहले 3 वर्ष के कार्यकाल में विधायक प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन के लिए 1,276 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने अपने 3 वर्ष के कार्यकाल में 2,221 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। बैठक के अंतिम सत्र में सोलन, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के विधायकों ने भाग लिया। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सहजल, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चंद धवाला तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस अवसर पर मौजूद थे।
