केलंग-उदयपुर सड़क पर शांशा नाले पर भारी बाढ़ से हुए क्षतिग्रस्त पुल के चलते शांशा फुडा जाहलमा से उदयपुर की तरफ फंसे करीब 150 स्थानीय लोगों को शांशा पुल पर सीढ़ी के सहारे रेस्क्यू कर लिया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय भी सीढ़ी से शांशा नाला पार किया।
व्यूरो रिपोर्ट
केलंग-उदयपुर सड़क पर शांशा नाले पर भारी बाढ़ से हुए क्षतिग्रस्त पुल के चलते शांशा, फुडा, जाहलमा से उदयपुर की तरफ फंसे करीब 150 स्थानीय लोगों को शांशा पुल पर सीढ़ी के सहारे रेस्क्यू कर लिया है। तकनीकी शिक्षा मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने भी इसी सीढ़ी से जोखिम उठाकर शांशा नाला पार किया और जाहलमा पहुंचे।
दोपहर तक चले इस पूरे अभियान की निगरानी उन्होंने स्वयं की। अभियान को पुलिस, होमगार्ड और अग्निशमन के जवानों की टीम द्वारा अंजाम दिया गया जिसकी अगुवाई डीएसपी केलंग हेमंत कुमार ने की।
डा. रामलाल मार्कंडेय ने अभियान में जुटी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि आपदा के समय जवानों द्वारा किया गया कार्य काबिले तारीफ है। जिन लोगों को रेस्क्यू किया गया है, उन्हें हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस के जरिए केलंग भेज दिया गया है।
यहां से वह अपने गंतव्य को रवाना हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि शांशा पुल तक की क्षतिग्रस्त सड़क को मशीनरी के माध्यम से जल्द दुरुस्त करके बहाल किया जा रहा है। सड़क और पुलों की बहाली की वह स्वयं निगरानी करेंगे, ताकि आवागमन की सुविधा शीघ्र शुरू हो और आम जनजीवन अपने कार्यों को पहले की भांति सुगमता से अंजाम दे सके।
उन्होंने कहा कि खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज उदयपुर क्षेत्र का दौरा नहीं कर सके। अभियान खत्म करने के बाद डा. राम लाल मार्कंडेय स्वयं भी अस्थायी पैदल पुल पार करके उदयपुर की ओर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए रवाना हो गए।