
कांगड़ा – राजीव जसवाल
कांग्रेस लगातार दो दिन प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर पाई। पार्टी नेताओं की ओर से लगातार दो दिन टिकट घोषित करने की हामी भरी गई। लेकिन टिकट घोषित नहीं हुए। सोमवार को भी कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की। पार्टी में टिकटों के लिए घमासान मचा हुआ है।
ऐसे में पार्टी आलाकमान भी प्रत्याशियों की खूब परीक्षा ले रहा है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन हिमाचल से लेकर दिल्ली तक राजनीति गरमाई रही। कई विधानसभा क्षेत्रों से विद्रोह के स्वर उठने के साथ युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने सामूहिक त्यागपत्र की चेतावनी दी है।
युकां पदाधिकारी टिकट की दौड़ से बाहर होने पर नाराज हैं। इसी विरोध के कारण पार्टी रविवार को सूची जारी नहीं कर पाई थी। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी किन्नौर, कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर सरकाघाट और महासचिव सुरजीत भरमौरी भरमौर हलके से टिकट की मांग कर रहे हैं। सोमवार को दिनभर डैमेज कंट्रोल की कोशिशों के बावजूद देर रात तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं हो पाई।
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में व्यस्त रहे नेता
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान हुआ। हिमाचल कांग्रेस के अधिकतर वरिष्ठ नेता शिमला में पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में उपस्थित रहे। सभी का कहना था कि शाम चार बजे के बाद टिकटों की घोषणा की जाएगी।
दूसरी तरफ टिकट न मिलने से नाराज एक धड़ा दिल्ली में डटा रहा। पार्टी में टिकटों को लेकर विरोध इतना ज्यादा है कि देर रात तक प्रत्याशी तय होने के बाद सूची जारी नहीं हो पाई।
तीन दिन से चल रहा आज-कल
सोमवार को भी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व उनके समर्थक दिल्ली में ही डटे रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार दिल्ली में प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल सहित कई अन्य नेताओं के साथ बैठक हुई। हैरानी इस बात की है कि प्रदेश कांग्रेस के नेता तीन दिन से आज-कल कर सूची जारी होने के दावे कर रहे हैं। यहां तक की हिमाचल की मीडिया प्रभारी टिकटों की घोषणा के संबंध में पत्रकारवार्ता भी बुला चुकी हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी में सब कुछ सही नहीं चल रहा।
विवादित सीटों पर दोबारा बैठक
जिन सीटों पर विवाद है उनको लेकर सोमवार शाम को दोबारा बैठक हुई। विवाद समाप्त करने के लिए गठित कमेटी के तीन सदस्यों ने इसमें भाग लिया। दीपा दास मुंशी शिमला से वर्चुअली बैठक से जुड़ीं, जबकि राजीव शुक्ल और मुकुल वासनिक दिल्ली में बैठक में शामिल हुए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 57 नाम रविवार रात को तय कर दिए थे।
केंद्रीय चुनाव समिति में लिए निर्णयों की जानकारी टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं को मिली तो विरोध शुरू हो गया। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल सहित कुछ अन्य पदाधिकारियों ने अपनी नाराजगी जताई। मामला हाईकमान तक पहुंचा था। इसके बाद हाईकमान ने सूची को होल्ड कर दिया।
कांगड़ा के कई टिकट फंसे
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांगड़ा जिला के कई टिकट फंस गए हैं। कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है, यहां 15 हलके हैं। सत्ता की राह यहीं से तय होती है। टिकटों के संबंध में कांगड़ा के नेता प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में हाईकमान से मिले हैं।
वहीं, सूची जारी नहीं करने पर कांग्रेस का तर्क है कि भाजपा के टिकटों पर नजर है। भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद ही सूची जारी करेंगे। पार्टी ने अब तक आधिकारिक तौर पर टिकट घोषित नहीं किए। इस बीच कई नेता नामांकन करने के लिए मुहूर्त दिखाने लगे हैं या फिर नामांकन भरने की घोषणा कर चुके हैं। द्रंग से वरिष्ठ नेता ठाकुर कौल सिंह ने 20 व शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने 21 अक्टूबर को नामांकन भरने की घोषणा की है।
डैमेज कंट्रोल में जुटी कांग्रेस
पार्टी ने अब डैमेज कंट्रोल कमेटी बनाई है और फिलहाल सूची जारी करने से रोक दी है। चौपाल के पूर्व विधायक डा. सुभाष मंगलेट ने भी बागी होने के संकेत दे दिए हैं। पार्टी हाईकमान कुछ सीटों पर फेरबदल कर सकता है। कांग्रेस का दावा है कि हाईकमान के संपर्क में हिमाचल भाजपा के कई नेता हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इनको कांग्रेस में शामिल करने के बाद ही नई सूची जारी की जाएगी।
