59 पंचायतों सहित नगर पंचायत का जिम्मा संभाले सिविल अस्पताल ज्वाली में सुविधाओं की दरकार
ज्वाली – अनिल छांगु
59 पंचायतों व एक नगर पंचायत को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने वाला एकमात्र सिविल अस्पताल जवाली मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अभाव में सिविल अस्पताल ज्वाली रैफरल अस्पताल बनकर रह गया है।
मरीजों को न तो चिकित्सा सुविधा मिलती है और न ही अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की सुविधा मिलती है। एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक व मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है।
तामीरदार मरीजों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल जवाली में ले आते हैं, लेकिन यहां पहुंचकर परेशान होना पड़ता है। पिछले करीबन चार साल से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है तथा एक्स-रे मशीन चालू नहीं हो पाई है।
पूर्व की भाजपा सरकार ने सिविल अस्पताल ज्वाली को लाखों की लागत से कम्प्यूटराइज्ड अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाई, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाई, जिससे अल्ट्रासाउंड मशीन शोपीस बनकर रह गई।
सिविल अस्पताल ज्वाली लगी एक्स-रे मशीन खराब हो गई। जब मशीन खराब थी तो रेडियोग्राफर तैनात था और जब एक्स.रे मशीन मिली तो रेडियोग्राफर का पद रिक्त हो गया जिससे एक्स.रे मशीन भी तालों में बन्द होकर रह गई। अब तो मरीज सिविल अस्पताल जवाली में आने से तौबा करने लग गए हैं।
अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तासीन हुई और चंद्र कुमार कृषि व पशुपालन मंत्री बने तो आस जगी कि अब सिविल अस्पताल ज्वाली में हर मूलभूत सुविधा मिलेगी, लेकिन चार माह के कार्यकाल में जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार से मांग की है कि सिविल अस्पताल ज्वाली में रेडियोग्राफर, रेडियोलॉजिस्ट सहित विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाए तथा ऑक्सीजन जेनेरेटर प्लांट को भी शुरू करवाया जाए, ताकि बेहतर चिकित्सा सुविधा मरीजों को मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल के बोल
इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि रेडियोग्राफर व रेडियोलॉजिस्ट के खाली पदों को जल्द ही भरा जाएगा।

