नई दिल्ली – नवीन चैाहान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 10 दिन की विदेश यात्रा पर अमरीका पहुंचे हैं। यहां बुधवार को उन्होंने कैलिफोर्निया में भारतीयों से मुलाकात कर उनसे बातचीत की। जिस समय वह भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे ठीक उसी समय हॉल में बैठे खालिस्तानी समर्थकों ने खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए हवा में खालिस्तानी झंडे लहराए।
खालिस्तानियों ने कांग्रेस पर 1984 के सिख नरसंहार की अध्यक्षता करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं खिलास्तानियों ने जून में प्रधानमंत्री मोदी की अमरीका यात्रा के दौरान उन्हें घेरने की भी धमकी दी। इस घटनाक्रम को की जिम्मेदारी SFJ ने ली है । SFJ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इस घटना का वीडियो जारी किया है।
इससे पहले कांग्रेस ने विज्ञप्ति में बताया कि यात्रा का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) कर रहा है। इस यात्रा में राहुल गांधी प्रवासी भारतीयों के विभिन्न संगठनों से बातचीत करेंगे। इसके साथ ही वह भारत में लोकतंत्र के विकास, मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी संवाद करेंगे।
पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र वर्तमान परिवेश में बहुत बड़ी वैश्विक आवश्यकता है। हमारा लोकतंत्र न केवल अपने 1.4 अरब लोगों के लिए नवाचार एवं लोकतांत्रिक सुधार का मज़बूत आधार है बल्कि 21वीं सदी में अन्य देशों के लिए लोकतंत्र का मॉडल भी दे सकता है।
आईओसी के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने राहुल गांधी की अमेरिकी यात्रा पर खुशी जताई और कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इसलिए लोकतांत्रिक संवाद शुरू कर उसका नेतृत्व करने की नैतिक जिम्मेदारी भी हमारी ही है। राहुल गांधी की यात्रा का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि यात्रा के पहले चरण में कांग्रेस नेता सिलिकॉन वैली में दो दिन तक चार कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
इस क्रम में उन्होंने सिलिकन वैली के एक कार्यक्रम में अपनी भारत जोड़ो यात्रा के अनुभव बताये। राहुल गांधी वहां उद्यमियों और विशेषज्ञों के साथ भी बातचीत करेंगे और फिर स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में संकाय, छात्रों, बुद्धिजीवियों और विशेषज्ञों के साथ लोकतंत्र पर चर्चा करेंगे।
कांग्रेस ने बताया कि यात्रा के दूसरे चरण में राहुल गांधी वाशिंगटन डीसी जाएंगे जहां वह हडसन इंस्टीट्यूट जैसे थिंक-टैंक के सदस्यों से मिलेंगे। वह नेशनल प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वैश्विक मीडिया के एक बड़े वर्ग के साथ बातचीत भी करेंगे। पार्टी ने बताया कि नेशनल प्रेस क्लब में इससे पहले जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पी.वी. नरसिम्हा राव भी प्रेस को संबोधित कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी राजनेताओं, अमेरिकी प्रशासन के सदस्यों, शिक्षाविदों और व्यापारी समुदाय के प्रतिनिधयों के साथ रात्रिभोज करेंगे। भारत-अमेरिका सुरक्षा परिषद के सदस्यों और प्रमुख मीडिया अधिकारियों से मुलाकात कर वह कांग्रेस नेताओं तथा सीनेटरों के युवा स्टाफ सदस्यों के साथ बैठक कर स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।
यात्रा के अंतिम चरण में राहुल गांधी न्यूयॉर्क में बुद्धिजीवी, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों के साथ हाई टी पर चर्चा करेंगे। वह कला और संगीत क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों के साथ अलग-अलग बैठक करने के बाद उन सबके साथ दोपहर का भोजन भी करेंगे।
राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान चार जून को न्यूयॉर्क में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने के लिए मशहूर जैविक सेंटर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों से मुलाकात के साथ ही वह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, पंजाब तथा अन्य भारतीय राज्यों के लोगों के संगठनों के सदस्यों से मुलाकात करेंगे।

